मध्य प्रदेश पर टूटने वाला है आसमानी आफत का कहर: नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में रेड अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी!
भोपाल। मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो चुका है, जिससे प्रदेशभर में भारी से अति भारी बारिश का दौर शुरू होने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के भौगोलिक क्षेत्रों में तीव्र मौसमी बदलावों को देखते हुए व्यापक चेतावनी जारी की है। कई संभागों में नदी-नाले उफान पर आने और निचले इलाकों में जलभराव के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में रेड अलर्ट, जनजीवन पर असर की आशंका
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इन दोनों जिलों में कुछ ही घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश होने से बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने का अंदेशा जताया गया है। प्रशासन ने नागरिकों को अनावश्यक यात्राओं से बचने, जलभराव वाले रपटों और उफनती नदियों के पास न जाने की सख्त ताकीद की है।
मध्य और बुंदेलखंड के जिलों में ऑरेंज अलर्ट की मार
राज्य के मध्य और बुंदेलखंड अंचल के कई प्रमुख जिलों में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। मौसम केंद्र ने रायसेन, बैतूल, नरसिंहपुर, सिवनी, सागर और छतरपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ लगातार झमाझम बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिससे सामान्य यातायात और ग्रामीण अंचलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।
विंध्य, महाकौशल और चंबल-ग्वालियर में यलो अलर्ट जारी
प्रदेश के विस्तृत भूभाग में तेज बारिश के मद्देनजर यलो अलर्ट प्रभावी किया गया है। इसमें विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के सतना, मैहर, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा शामिल हैं। इसके साथ ही विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी और दतिया जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
निम्न दबाव और मानसून ट्रफ से बिगड़े हालात
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर एक सशक्त निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। यह वेदर सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की सीमा से होकर गुजर रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत मानसून ट्रफ लाइन के असर से वायुमंडल में भारी नमी आ रही है, जिसके चलते आगामी 24 से 48 घंटों तक प्रदेशभर में वर्षा की गतिविधियां बेहद आक्रामक रूप ले सकती हैं।
