Bilaspur Violence में बड़ा मोड़! फरार आरोपी सोहेल खान ने किया सरेंडर, बोले- ‘मैं मौके पर था ही नहीं’

Bilaspur Violence

Bilaspur Violence मामले में आरोपी सोहेल खान ने पुलिस के सामने किया सरेंडर; निष्पक्ष जांच की मांग

Bilaspur Violence मामले में सोहेल खान का सरेंडर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में खपरगंज इलाके में दो पक्षों के बीच हुए विवाद, मारपीट और पथराव Bilaspur Violence के मामले में फरार चल रहे आरोपी सोहेल खान ने मंगलवार शाम सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सोहेल की तलाश में पुलिस लगातार उसके रिश्तेदारों के घर और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।

सरेंडर करने से पहले सोहेल खान ने मीडिया से बातचीत की और खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उसने कहा कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं था। आरोपी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

‘घटना के समय मौके पर नहीं था’

सोहेल खान का कहना है कि उसे मोहल्ले के कुछ युवकों के विरोध की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह घर से बाहर निकलने वाला था, लेकिन उसके परिजनों ने उसे रोक लिया। सोहेल ने इसी आधार पर दावा किया कि वह घटना के दौरान घटनास्थल Bilaspur Violence पर मौजूद नहीं था।

आरोपी ने यह भी दावा किया कि इससे पहले उसे आत्महत्या से जुड़े एक मामले में भी फंसाया गया था। हालांकि, उसके इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

हिरासत में लेकर एसीसीयू ने की पूछताछ

सरेंडर के बाद सोहेल को पुलिस ने हिरासत में लिया। एसीसीयू की टीम ने देर रात तक उससे पूछताछ की। पुलिस उससे हिंसा में शामिल अन्य फरार आरोपियों और उनके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। वहीं, घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि हिंसा और पथराव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

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दोनों पक्षों के 12 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, मामले Bilaspur Violence में अब तक दोनों पक्षों से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

उनका आरोप है कि पुलिस एक पक्ष के लोगों के खिलाफ ही ज्यादा कार्रवाई कर रही है, जबकि दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। मंगलवार को भी पुलिस ने मामले से जुड़े कई लोगों को सिटी कोतवाली थाने बुलाकर पूछताछ की। पुलिस ने उनसे विवाद, पथराव और घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बारे में जानकारी ली।

सोशल मीडिया टिप्पणी और पुरानी रंजिश से शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि खपरगंज में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर हुई। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव शुरू हो गया।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसी दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें तारबाहर TI रवि तिवारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए।

मामले Bilaspur Violence में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।

ठाकुर राम सिंह समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश

पुलिस अब घटना Bilaspur Violence के अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। एक पक्ष का मुख्य आरोपी बताए जा रहे ठाकुर राम सिंह के अभी फरार होने की जानकारी है। उसकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।

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इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

हिंसा Bilaspur Violence के बाद खपरगंज और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू की है और पुलिस बल तैनात किया गया है।

अब सोहेल खान के सरेंडर के बाद पुलिस की जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि घटना के समय उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी और उसके दावों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों से होती है या नहीं। साथ ही पुलिस अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए भी जांच आगे बढ़ा रही है।

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