‘किसान कल्याण वर्ष’ में अन्नदाताओं को बड़ी सौगात, कर्ज अदायगी से लेकर बिजली तक बदले नियम

श्योपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए खेतों में सिंचाई के लिए दिन के समय भी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का ऐलान किया है। श्योपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले’ को ग्वालियर एयरपोर्ट से वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब अन्नदाताओं को रात के अंधेरे में खेतों में पानी देने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने श्योपुर कृषि उपज मंडी में किसानों की सुविधा के लिए 60 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सर्वसुविधायुक्त नवीन विश्राम गृह के निर्माण की घोषणा की।

0% ब्याज ऋण चुकाने की अवधि बढ़कर हुई एक साल

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में चालू वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर मिलने वाले फसली ऋण की शर्तों में बड़ा बदलाव किया गया है। पूर्व में खरीफ और रबी फसलों के लिए ऋण अदायगी की समय-सीमा 6-6 महीने निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब पूरा 1 वर्ष कर दिया गया है। यानी अब किसान जिस तारीख को कर्ज लेंगे, उसे चुकाने के लिए उनके पास पूरे एक साल का समय रहेगा। इसके अलावा पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर ग्रामीण आय बढ़ाने के लिए नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन पर बल दिया जा रहा है।

शादी-विवाह में फिजूलखर्ची रोकने और सामूहिक विवाह की अपील

कार्यक्रम के दौरान 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने उपस्थित किसानों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें और समाज में फिजूलखर्ची पर रोक लगाएं। उन्होंने शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में अनावश्यक खर्च से बचकर सामूहिक विवाह सम्मेलनों को अपनाने का आह्वान किया।

प्रगतिशील किसानों और मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान

महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधा संवाद भी किया। ग्राम राडेप के किसान मुकुट चौधरी ने पराली प्रबंधन के लिए सुपर सीडर यंत्र पर शासन से मिले 1 लाख 20 हजार रुपये के अनुदान का अनुभव साझा किया। मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक तकनीक और फसल चक्र की जानकारी दी। इस दौरान क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों और 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को शॉल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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