राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO बने जितेंद्र मिश्रा! सूत्रों का दावा, औपचारिक ऐलान थोड़ी देर में

जितेन्द्र मिश्रा

अयोध्या में राम मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े ट्रस्ट में बुधवार को बड़े प्रशासनिक बदलाव होने की संभावना है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में मंदिर के प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। सबसे ज्यादा चर्चा ट्रस्ट के पहले CEO (Chief Executive Officer) की नियुक्ति को लेकर है।

सूत्रों के मुताबिक, पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO बनाए जाने की संभावना है। हालांकि, उनके नाम पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। ट्रस्ट की बैठक के बाद इस संबंध में औपचारिक घोषणा की जा सकती है।

इसके अलावा ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की जानकारी भी सामने आई है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, शिकोहाबाद की निर्मला यादव और दिल्ली के महेश भगचंदका शामिल बताए जा रहे हैं।

दोपहर 2 बजे होगी अहम बैठक

राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार दोपहर करीब 2 बजे महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणिरामदास छावनी में प्रस्तावित है। बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारी और सदस्य मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।

CEO की नियुक्ति के साथ-साथ ट्रस्ट में खाली पदों को भरने और प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने पर भी निर्णय होने की संभावना है।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि सहित कई पदाधिकारी बैठक से पहले आपसी चर्चा कर चुके हैं। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा की गोविंद देव गिरि से मुलाकात ने भी संभावित संगठनात्मक बदलावों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

महासचिव पद में भी बदलाव की अटकलें

ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में महासचिव पद को लेकर भी बड़ा फैसला संभव है। सूत्रों के अनुसार, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की जिम्मेदारी बदली जा सकती है। हालांकि, उनके ट्रस्ट के सदस्य के रूप में बने रहने की संभावना है।

चर्चा है कि उनकी जगह बजरंग लाल बांगड़ा को महासचिव की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस संबंध में अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा।

वहीं, ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की दोबारा वापसी को लेकर भी अटकलें चल रही हैं। हालांकि, उनकी वापसी पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

CEO की नियुक्ति के लिए 5,500 आवेदनों की हुई जांच

राम मंदिर के CEO के चयन की प्रक्रिया काफी व्यापक रही है। ट्रस्ट ने इस महत्वपूर्ण पद के लिए विशेषज्ञों की एक चयन समिति गठित की थी। इस पैनल में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल थे।

स्वामी गोविंद देव गिरि के मुताबिक, CEO पद के लिए करीब 5,500 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की कई स्तरों पर स्क्रीनिंग की गई।

पहले लगभग 3,000 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद संख्या घटाकर करीब 1,500 और फिर 300 उम्मीदवारों तक लाई गई। अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों के व्यक्तिगत इंटरव्यू लिए गए।

चयन समिति ने अपनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। अब अंतिम फैसला ट्रस्टी बोर्ड द्वारा किया जाना है।

प्रशासनिक अनुभव वाले व्यक्ति को मिल सकती है जिम्मेदारी

राम मंदिर के CEO पद को लेकर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की ओर से पहले भी संकेत दिए गए हैं कि इस जिम्मेदारी के लिए प्रशासनिक और प्रबंधन का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।

धार्मिक समिति से जुड़े राजकुमार दास ने भी संकेत दिया कि मंदिर जैसी बड़ी व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासनिक अनुभव जरूरी होगा। ऐसे में CEO की नियुक्ति का उद्देश्य मंदिर के धार्मिक कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और अन्य संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना माना जा रहा है।

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तीन नए ट्रस्टी और खाली पदों पर भी फैसला

ट्रस्ट में पिछले कुछ समय में कई पद रिक्त हुए हैं। पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद पद खाली हुए थे। इसके अलावा ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद भी एक सदस्य पद रिक्त हो गया था।

अब इन रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। इसी क्रम में तीन नए ट्रस्टियों के नाम सामने आए हैं।

इसके साथ ही ट्रस्ट में सचिव और आधिकारिक प्रवक्ता की भूमिका को लेकर भी बैठक में फैसला हो सकता है। प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए नए पदों के गठन पर भी चर्चा संभव है।

चढ़ावे की चोरी मामले पर भी हो सकती है समीक्षा

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी चोरी के मामले और उससे जुड़े घटनाक्रम पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस प्रकरण के बाद ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र को लेकर सवाल उठे थे।

ऐसे में बैठक में मंदिर परिसर की सुरक्षा, दान और चढ़ावे की निगरानी तथा प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के उपायों पर भी मंथन किया जा सकता है।

त्योहारों और रामलला के उत्सवों पर भी चर्चा

बैठक से पहले स्वामी गोविंद देव गिरि और धार्मिक समिति से जुड़े राजकुमार दास के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। इसमें आगामी पर्व और त्योहारों को राम मंदिर में भव्य तरीके से आयोजित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

रामानंदीय परंपरा के अनुरूप रामलला के उत्सवों को व्यवस्थित और धार्मिक विधि-विधान के साथ आयोजित करने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है।

इसके अलावा ट्रस्ट के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति का मुद्दा भी बैठक के एजेंडे में शामिल बताया जा रहा है।

क्या होगा बड़ा फैसला?

अगर सूत्रों की जानकारी सही साबित होती है तो बुधवार की बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में एक साथ कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इनमें पहला CEO नियुक्त होना, नए ट्रस्टियों की एंट्री, महासचिव की जिम्मेदारी में बदलाव और प्रशासनिक पदों को लेकर फैसले प्रमुख हो सकते हैं।

हालांकि, CEO, महासचिव और अन्य नियुक्तियों से जुड़े नामों पर अंतिम स्थिति ट्रस्ट की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

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