Private School Protest Chhattisgarh: RTE प्रवेश को लेकर असहयोग आंदोलन तेज, स्कूल संचालकों का बड़ा ऐलान
Private School Protest Chhattisgarh में RTE प्रवेश को लेकर निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन तेज। राज्यभर में पत्र अभियान और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात का ऐलान।
Private School Protest Chhattisgarh को लेकर प्रदेशभर में निजी स्कूल संचालकों का असहयोग आंदोलन अब तेज होता नजर आ रहा है। शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत विद्यार्थियों के प्रवेश और प्रतिपूर्ति राशि को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पहले ही कई चरणों में विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं, और अब इसे और व्यापक बनाने की रणनीति तैयार कर ली गई है। 21 अप्रैल को हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
1 मार्च से जारी है असहयोग आंदोलन
Private School Protest Chhattisgarh की शुरुआत 1 मार्च से हुई थी, जब प्रदेश के सभी निजी स्कूलों ने असहयोग आंदोलन का रास्ता अपनाया। इस आंदोलन का मुख्य कारण RTE के तहत छात्रों के प्रवेश और सरकार द्वारा मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को लेकर असंतोष है।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
RTE प्रवेश नहीं देने का फैसला
Private School Protest Chhattisgarh के तहत 4 अप्रैल को एक बड़ा निर्णय लिया गया था। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने तय किया कि शिक्षा विभाग द्वारा लॉटरी के माध्यम से आवंटित वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को RTE के तहत प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
यह निर्णय सरकार पर दबाव बनाने के लिए लिया गया, ताकि उनकी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
काली पट्टी और स्कूल बंद कर जताया विरोध
Private School Protest Chhattisgarh के दौरान 17 अप्रैल को स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। यह प्रतीकात्मक विरोध था, जिसके जरिए उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की।
इसके अगले दिन यानी 18 अप्रैल को प्रदेशभर के निजी स्कूलों को बंद रखा गया, जिससे इस आंदोलन की गंभीरता और प्रभाव साफ नजर आया।
अब आंदोलन को और तेज करने की तैयारी
Private School Protest Chhattisgarh को आगे बढ़ाते हुए 21 अप्रैल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं।
पहला फैसला यह है कि 23 अप्रैल को प्रदेश के सभी स्कूल संचालक अपने-अपने स्कूल के लेटर पैड पर स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखेंगे। इस पत्र के जरिए वे अपनी मांगों को औपचारिक रूप से रखेंगे।
जनप्रतिनिधियों को गुलाब भेंट करेंगे संचालक
Private School Protest Chhattisgarh के तहत दूसरा बड़ा कदम 24 अप्रैल को उठाया जाएगा। इस दिन जिला स्तर पर स्कूल संचालक और संगठन के पदाधिकारी जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
वे उन्हें गुलाब का फूल भेंट कर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों से अवगत कराएंगे। यह विरोध का एक अलग और सकारात्मक तरीका माना जा रहा है।
प्रतिपूर्ति राशि को लेकर मुख्य विवाद
Private School Protest Chhattisgarh का सबसे बड़ा मुद्दा RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि है।
एसोसिएशन का कहना है कि सरकार को हर वर्ष शासकीय स्कूलों में प्रति विद्यार्थी खर्च होने वाली राशि को सार्वजनिक करना चाहिए। इसी आधार पर निजी स्कूलों को भी प्रतिपूर्ति दी जाती है।
2011 से नहीं हुआ पुनर्निर्धारण
Private School Protest Chhattisgarh में उठाया गया एक गंभीर मुद्दा यह भी है कि प्रतिपूर्ति राशि का पुनर्निर्धारण वर्ष 2011 के बाद से नहीं किया गया है।
स्कूल संचालकों का कहना है कि महंगाई और संचालन लागत में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन प्रतिपूर्ति राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे निजी स्कूलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

RTE कानून की धारा का हवाला
Private School Protest Chhattisgarh के दौरान एसोसिएशन ने शिक्षा के अधिकार कानून की धारा 12(2) का हवाला दिया है।
धारा के अनुसार, सरकार को प्रति विद्यार्थी खर्च के आधार पर निजी स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि तय करनी होती है। लेकिन इस नियम का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।
सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति
Private School Protest Chhattisgarh के तहत अब आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पत्र अभियान, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात और पहले किए गए विरोध प्रदर्शन यह संकेत देते हैं कि स्कूल संचालक सरकार पर दबाव बनाने के लिए संगठित तरीके से काम कर रहे हैं।
छात्रों पर भी पड़ सकता है असर
Private School Protest Chhattisgarh का असर छात्रों पर भी पड़ सकता है। अगर RTE के तहत प्रवेश नहीं दिए जाते हैं, तो वंचित वर्ग के कई बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है।
इस स्थिति में सरकार और स्कूल प्रबंधन के बीच जल्द समाधान निकालना बेहद जरूरी हो जाता है।
Private School Protest Chhattisgarh ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक बड़े मुद्दे को सामने ला दिया है। RTE प्रवेश और प्रतिपूर्ति राशि को लेकर चल रहा विवाद अब आंदोलन का रूप ले चुका है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और क्या निजी स्कूलों की मांगों का समाधान निकल पाता है। फिलहाल आंदोलन के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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