Raipur Currency Tower: रायपुर के करेंसी टॉवर में जान का खतरा? IAS अधिकारी फंसी लिफ्ट में, सामने आईं चौंकाने वाली खामियां
Raipur Currency Tower: एक IAS अधिकारी लिफ्ट में फंसी… और खुल गई सिस्टम की पोल, क्या आप भी जाते हैं इस कॉम्प्लेक्स में?
Raipur Currency Tower में महिला IAS अधिकारी के लिफ्ट में फंसने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। CCTV, नेटवर्क और इमरजेंसी सिस्टम की कमी से बड़ा खतरा सामने आया है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चर्चित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स करेंसी टॉवर में हाल ही में हुई एक घटना ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। यहां जिम करने पहुंचीं एक महिला IAS अधिकारी अचानक लिफ्ट में फंस गईं, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना ने कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Raipur Currency Tower News: लिफ्ट में फंसने से मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, महिला अधिकारी रोज की तरह जिम करने पहुंची थीं। इसी दौरान जब वह लिफ्ट में गईं तो अचानक लिफ्ट बंद हो गई और वे अंदर फंस गईं। काफी देर तक किसी तरह की मदद नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो गई। बाद में काफी प्रयासों के बाद उन्हें बाहर निकाला गया।
Raipur Currency Tower: सुरक्षा में भारी लापरवाही उजागर
इस घटना के बाद जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट में:
- CCTV कैमरों की कोई व्यवस्था नहीं है
- इमरजेंसी कॉल बटन या हेल्पलाइन सुविधा नहीं है
- मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह गायब हो जाता है
यानी अगर कोई व्यक्ति लिफ्ट में फंस जाए, तो वह बाहर संपर्क तक नहीं कर सकता।
सुरक्षाकर्मी भी अनजान, कोई ट्रेनिंग नहीं
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने का कोई प्रशिक्षण नहीं है। न ही लिफ्ट संचालन के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ मौजूद है।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी खतरा
इस लापरवाही ने खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लिफ्ट में कैमरे न होने के कारण छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
लोगों में डर, सीढ़ियों का सहारा
इस घटना के बाद से यहां आने वाले लोग अब लिफ्ट का इस्तेमाल करने से डर रहे हैं। कई लोग मजबूरी में सीढ़ियों का उपयोग कर रहे हैं।
बड़ा सवाल – अगर समय पर मदद न मिलती तो?
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी नाकामी को दिखाती है। सवाल यह है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिलती, तो क्या बड़ा हादसा हो सकता था?
अब जरूरत है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और ऐसे कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
