Dinesh Lodhi Case: 5 लोगों को रौंदने वाले बेटे को बचाने उतरे भाजपा विधायक, IPS अधिकारी को खुली धमकी- ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं’
शिवपुरी के करैरा में थार गाड़ी से 5 बेकसूरों को कुचलने वाले दिनेश लोधी से पूछताछ पर भड़के पिता प्रीतम लोधी
शिवपुरी / Dinesh Lodhi Case। भाजपा विधायक प्रीतम लोधी और उनके बेटे दिनेश लोधी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रदेश में सत्ता और परिवारवाद कितना खतरनाक रूप ले चुका है। थार गाड़ी से 5 बेकसूर लोगों को रौंद डालने वाले आरोपी दिनेश लोधी को पुलिस ने थाने बुलाकर पूछताछ की, तो विधायक पिता भड़क उठे और करैरा के एसडीओपी IPS आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकी दे डाली।
थार से 5 लोगों को कुचल डाला
गौरतलब है कि करैरा में हुए बहुचर्चित थार एक्सीडेंट में दिनेश लोधी ( Dinesh Lodhi Case ) ने अपनी तेज रफ्तार थार गाड़ी से 5 बेकसूर लोगों को कुचल डाला था। इस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों में मातम छा गया था।
पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी दिनेश लोधी को करैरा न आने की हिदायत दी थी। लेकिन कोर्ट से गाड़ी छूटते ही बेटा फिर से क्षेत्र में घूमने लगा। पुलिस ने उसे थाने बुलाकर पूछताछ शुरू की, तो पिता प्रीतम लोधी ने अपने बेटे को बचाने के लिए सिस्टम पर ही हमला बोल दिया।
IPS अधिकारी को खुली धमकी- ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं’
पुलिस थाने में हुई इस पूछताछ के दौरान भाजपा विधायक Pritam Lodhi ने करैरा के एसडीओपी IPS आयुष जाखड़ को धमकी देते हुए कहा, ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है… मेरा बेटा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा। तेरे डैडी में दम हो तो रोक कर दिखा दे!’ इतना ही नहीं, उन्होंने IPS अधिकारी को ‘औकात में रहने’ की नसीहत देते हुए कहा कि ‘अधिकारी कानून के दायरे में रहें… SDOP के डैडी का नहीं है करैरा।’
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बेटे का बेतुका बयान – ‘हॉर्न बजाया, हटे नहीं तो गाड़ी बढ़ा दी’
पूछताछ के दौरान दिनेश लोधी ( Dinesh Lodhi Case ) ने अपनी इस हरकत को सही ठहराने के लिए एकदम बेतुका बयान दिया। उसने कहा, ‘मैंने हॉर्न बजाया, वे हटे नहीं, इसलिए गाड़ी आगे बढ़ा दी।’ यानी उसने अपनी लापरवाही और तेज रफ्तार को छुपाने की कोशिश की।
कम से कम विधायक जी को अपने बेट के लिए एक सही बयान तो सोच ही लेना था। वैसे आपको बताते चले कि Dinesh Lodhi case में अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है।
मध्य प्रदेश सरकार पर सवाल.. कानून सबके लिए बराबर?
Dinesh Lodhi Case ने मध्य प्रदेश सरकार की ‘मजबूत कानून व्यवस्था’ की पोल खोल दी है। जहां भाजपा का विधायक खुलकर पुलिस अधिकारी को धमकी देता है, बेटा सड़क पर हादसे करता है और फिर भी सिस्टम चुप्पी साधे रहता है।
शिवपुरी में विधायक पुत्र की गुंडागर्दी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं, बल्कि पिता IPS अधिकारी की ‘जांच करवाने’ की धमकी दे रहा है। MP government पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या प्रदेश में विधायकों के बेटे कानून से ऊपर हैं?
‘तेरे डैडी का नहीं है करैरा’ – क्या है इसका मतलब?
विधायक प्रीतम लोधी का यह बयान कि ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है’, साफ कर देता है कि वह खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। उन्होंने IPS अधिकारी को ‘डैडी’ का ताना देते हुए उनकी क्षमता पर भी सवाल उठाया।
यह बयान न सिर्फ पुलिस प्रशासन का अपमान है, बल्कि मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप है। Pritam Lodhi का यह मामला अब राज्य सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गया है।
पुलिस पर दबाव, क्या होगी कार्रवाई?
इस पूरे प्रकरण के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। IPS अधिकारी आयुष जाखड़ ने इस धमकी को गंभीरता से लिया है और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या एक विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पाएगी? यह तस्वीर बता रही है कि सत्ता के दबाव में पुलिस चुप है। आम जनता अब देखना चाहती है कि मध्य प्रदेश सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है।

विपक्ष ने साधा निशाना
इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की ‘लठमार सरकार’ ने कानून व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। वहीं, भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हालांकि, स्थानीय भाजपा नेताओं ने विधायक के बयान को ‘गलतफहमी’ करार दिया है। लेकिन वायरल वीडियो में विधायक Pritam Lodhi साफ-साफ धमकी देते नजर आ रहे हैं।
क्या उठेंगे सख्त कदम?
अब देखना यह है कि मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है। यदि सरकार ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो यह संदेश जाएगा कि भाजपा विधायक कानून से ऊपर हैं।
क्या IPS अधिकारी की शिकायत पर विधायक के खिलाफ केस दर्ज होगा? क्या दिनेश लोधी को सजा मिलेगी? यह सवाल अभी केवल सवाल ही हैं।
सत्ता का काला चेहरा
करैरा का Dinesh Lodhi Case मामला मध्य प्रदेश में सत्ता के काले चेहरे को दिखाता है। एक तरफ पांच बेकसूर लोगों की मौत, दूसरी तरफ विधायक का IPS अधिकारी को धमकाना।
यह दिखाता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अब समय आ गया है कि सरकार जवाब दे..
क्या ऐसे विधायक और उनके बेटे को संरक्षण मिलता रहेगा? या फिर कानून सबके लिए बराबर है?
