जिस बस्तर में कभी नक्सलियों का था खौफ, वहीं से PM मोदी ने कर दिया बड़ा ऐलान; जानिए क्या बोले
जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकाश पर्व दीपावली के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षाबलों के बीच पहुंचकर दीपोत्सव मनाया। घने जंगलों के बीच जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एक ऐतिहासिक घोषणा की और कहा कि देश अब नक्सलवाद के आतंक से पूरी तरह मुक्त हो चुका है तथा विकास का एक नया दौर शुरू हो चुका है। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों और कांग्रेस पर सुरक्षाबलों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीखा हमला भी बोला।
‘आप सब मां भारती के वीर बेटे-बेटियां, मेरा परिवार हैं’
जवानों के बीच अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज पूरा देश और दुनिया के कोने-कोने में बसे करोड़ों भारतीय प्रकाश का पावन पर्व मना रहे हैं। लोग अपने घरों और परिजनों के बीच पहुंच रहे हैं। सीमा पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले, राष्ट्र के प्रहरी, मां भारती के वीर, आप सब बेटे-बेटियां मेरे परिजन हैं, आप सब मेरे परिवार का हिस्सा हैं।”
उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि हिमालय की गोद में स्थित कारगिल और लेपचा से लेकर समंदर किनारे सर क्रीक और आईएनएस विक्रांत तक, वीर जवानों के साथ बिताई गई हर दिवाली उनके लिए अविस्मरणीय और यादगार रही है। 140 करोड़ देशवासियों की ओर से उन्होंने जवानों के त्याग, सेवाभाव और समर्पण के प्रति आभार जताया।
A very special Diwali with our brave security forces in Bastar, Chhattisgarh. https://t.co/7I5aOQdMSk
— Narendra Modi (@narendramodi) November 8, 2026
‘2026 की दीवाली ऐतिहासिक: नक्सल मुक्त हुआ देश का हर जिला’
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि साल 2026 की यह दीवाली बेहद विशेष है। उन्होंने कहा, “यह पहली दिवाली है जब देश नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई को पूरी तरह जीत चुका है। यह पहली दिवाली है जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है और करोड़ों नागरिक नक्सलवाद के खौफ को पूरी तरह परास्त कर चुके हैं।”
उन्होंने अतीत के संकट को याद दिलाते हुए कहा कि कभी देश के करीब 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले वामपंथी उग्रवाद की गिरफ्त में थे। शाम ढलते ही जनजीवन थम जाता था और लोगों से उनके मताधिकार तक छीन लिए गए थे। बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भूभाग एक साल में 2-2 हजार नक्सली हमलों का दंश झेलता था।
दंतेवाड़ा का जिक्र कर ‘नामदारों’ पर बोला तीखा हमला
साल 2010 में दंतेवाड़ा में हुए दर्दनाक नक्सली हमले का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उस दौरान हमारे 76 सुरक्षाकर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे और 44 निर्दोष नागरिकों की भी हत्या कर दी गई थी।
विपक्ष पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धरती हमारे वीरों के रक्त से अभिशप्त हो गई थी, लेकिन महलों में रहने वाले किसी भी नामदार की सिसकी नहीं सुनाई दी, किसी भी नामदार की आंखों से एक भी आंसू तक नहीं निकला। दशकों तक यही सिलसिला चलता रहा, जिसमें अकेले छत्तीसगढ़ में ही 1,000 से ज्यादा जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और आईईडी विस्फोटों में न जाने कितने वीरों ने अपने हाथ-पैर गंवाए। पहले की सरकारों को जवानों की कोई फिक्र नहीं थी, लेकिन आज सुरक्षाबलों के शौर्य से नक्सल आतंक का खात्मा हो चुका है।”
