‘मां, मुझे आप पर गर्व है’: सोनिया गांधी के इंटरव्यू पर राहुल गांधी का भावुक संदेश
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की आगामी पुस्तक ‘Belonging: A Journey of Love’ को लेकर दिए गए एक इंटरव्यू पर उनके बेटे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बेहद भावुक प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सोनिया गांधी के साक्षात्कार का एक अंश साझा करते हुए अपनी मां के प्रति गहरा सम्मान और गर्व व्यक्त किया। राहुल गांधी ने लिखा, ’60 साल सार्वजनिक जीवन में रहने के बाद भी आप वही इंसान हैं। मां, मुझे आप पर गर्व है।’
‘आज भी वही हूं, जिससे राजीव 60 साल पहले मिले थे’
सोनिया गांधी ने यह इंटरव्यू अपनी आने वाली किताब के संदर्भ में अंग्रेजी दैनिक ‘द हिंदू’ को दिया है। साक्षात्कार में उन्होंने अपने जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बचपन में जो संस्कार उन्होंने सीखे थे, वे आज भी उनके भीतर पूरी तरह कायम हैं। सोनिया गांधी ने कहा, ‘मैंने उन मूल्यों के प्रति सच्चा बने रहने की पूरी कोशिश की है। परिवार और दोस्तों के प्रति वफादारी, ईमानदारी, दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और अपने कर्तव्यों व जिम्मेदारियों को निभाने की भावना। मैं कह सकती हूं कि मैं आज भी वही इंसान हूं, जिससे राजीव 60 साल पहले मिले थे।’ राहुल गांधी ने इसी अंश को कोट करते हुए मां के प्रति अपनी भावनाएं साझा कीं।
Sixty years in public life, and still the same person. Proud of you, Ma. ❤️
“The values that I learnt growing up survive. I have tried my best to be true to them: loyalty to family and friends, sincerity and feeling for others, the idea of being dutiful and responsible. I think I can say that in these I am the same person Rajiv met sixty years ago.” – CPP Chairperson @SoniaGandhi
Read her interview with The Hindu about her upcoming book, Belonging: A Journey of Love.
https://t.co/11j99QNOgG
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 7, 2026
12 वर्षों में लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान का आरोप
किताब और निजी जीवन के अलावा सोनिया गांधी ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और पिछले 12 वर्षों के घटनाक्रम पर भी खुलकर बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शासनकाल में देश के लोकतांत्रिक ढांचे, स्वायत्त संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को गहरा नुकसान पहुंचा है।
‘व्यवस्था को पटरी पर लाने में लगेगा समय, लेकिन उम्मीद बाकी’
सोनिया गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार के हटने के बाद भी लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं को दोबारा स्वस्थ स्थिति में लाने में काफी वक्त लगेगा। इसके लिए राजनीतिक दलों को बड़े पैमाने पर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि अब देश की जनता इस नुकसान को गहराई से समझने लगी है और लोगों के बीच बेचैनी बढ़ रही है। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने देश में एक बेहतर और सुदृढ़ शासन व्यवस्था की वापसी को लेकर पूरा भरोसा और उम्मीद जताई।
