‘भारत हाई-टेक मुल्क, हमें आपसे बहुत कुछ सीखना है’: बेल्जियम के रक्षा मंत्री ने की जमकर तारीफ, राजनाथ सिंह संग हुई रणनीतिक बैठक
नई दिल्ली। वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत और बेल्जियम के द्विपक्षीय रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचे। पिछले वर्ष फरवरी में पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है, जबकि दो दशकों से अधिक समय में किसी बेल्जियम प्रधानमंत्री की यह पहली भारत यात्रा है। इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रेंकन ने राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय स्तर की अहम बैठक की।
‘भारत हाई-टेक्नोलॉजी वाला देश, हमें साथ मिलकर काम करने की जरूरत’: थियो फ्रेंकन
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रेंकन ने भारत की तकनीकी प्रगति और वैश्विक भूमिका की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत एक सशक्त हाई-टेक्नोलॉजी राष्ट्र है और बेल्जियम को भारत से बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है। फ्रेंकन ने रेखांकित किया कि बेल्जियम पारंपरिक पश्चिमी यूरोपीय तकनीकी क्षमताओं से संपन्न देश है, लेकिन भविष्य की चुनौतियों और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए उसे भारत जैसे विशाल, गतिशील और तकनीकी रूप से अग्रणी साझेदार की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों का संयुक्त रूप से आगे बढ़ना ही भविष्य का सही मार्ग है।
वैश्विक उथल-पुथल के दौर में साझा लोकतांत्रिक मूल्य: राजनाथ सिंह
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल्जियम के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया गंभीर भू-राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल से गुजर रही है। हालांकि ये परिस्थितियां दोनों देशों द्वारा निर्मित नहीं हैं, फिर भी साझा वैश्विक हितों की रक्षा के लिए इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला करना अनिवार्य है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी विश्वास और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।
रक्षा विनिर्माण और कंपनियों के बीच बढ़ेगी साझेदारी
राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के बीच पूर्व में आयोजित ‘स्ट्रैटेजिक डायलॉग’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग का एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने भारतीय और बेल्जियम की रक्षा विनिर्माण कंपनियों के बीच प्रत्यक्ष सहयोग और संयुक्त उद्यमों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। दौरे के दौरान दोनों पक्षों के बीच व्यापार, आधुनिक रक्षा तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की रूपरेखा तय की गई है।
