‘कलेक्टर से लेकर ऊपर तक जाती है रकम’: छतरपुर के डिप्टी रेंजर का वीडियो वायरल, महकमे में हड़कंप

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर और राजनगर वन परिक्षेत्र से जुड़ा कथित भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। वन विभाग में पदस्थ बीट गार्ड एवं डिप्टी रेंजर भास्कर खरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे विभागीय अधिकारियों से लेकर जिले के कलेक्टर, कमिश्नर और यहां तक कि मुख्यमंत्री स्तर तक रिश्वत और कमीशन की रकम पहुंचने का दावा करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया है कि यह पूरा खेल एक संगठित ‘सिस्टम’ के तहत संचालित होता है।

अवैध कटाई, खनन और जमीनों पर कब्जे का दावा

वायरल वीडियो में डिप्टी रेंजर भास्कर खरे ने वन विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वन क्षेत्र से सागौन सहित अन्य बेशकीमती पेड़ों की अवैध कटाई, नदियों व जंगलों से रेत और मुरम का गैरकानूनी उत्खनन तथा वन विभाग की आरक्षित जमीनों पर अवैध कब्जा कर खेती कराने का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। भास्कर खरे का दावा है कि यह अवैध कारोबार पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है और इसमें नीचे से लेकर शीर्ष स्तर तक एक तय ‘सिस्टम’ काम कर रहा है।

क्या आंखें मूंदे बैठे रहे जिम्मेदार अधिकारी?

डिप्टी रेंजर के इस कथित खुलासे के बाद अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या वन विभाग के शीर्ष अधिकारी इस संगठित भ्रष्टाचार से अनजान थे या फिर शिकायतों के बावजूद जानबूझकर इस पर पर्दा डाला जाता रहा। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

डीएफओ बोले- जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

मामला तूल पकड़ने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। इस पूरे प्रकरण पर छतरपुर डीएफओ (DFO) ऋषि ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि वायरल वीडियो की गहनता से जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उधर, सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब 7 से 8 महीने पुराना है, जो अब जाकर सार्वजनिक हुआ है।

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