राजस्व विभाग की ऑनलाइन सेवाएं ठप: आम जनता परेशान, पटवारियों को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब, नहीं देने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

पटवारियों की हड़ताल

पटवारियों की हड़ताल

रायपुर: छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल का असर पूरे प्रदेश में साफ दिख रहा है। 16 अगस्त से जारी हड़ताल के चलते राजस्व विभाग की ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं। आम लोग खसरा-खतौनी, नामांतरण, नक्शा, जाति और आय प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन काम नहीं हो पा रहा है।

हजारों ऑनलाइन काम अटके

पटवारियों की हड़ताल के कारण खसरा बी-1, नक्शा, बटांकन अप्रूवल, रकबा सुधार, डिजिटल सिग्नेचर, फसल कटाई प्रयोग, गिरदावरी और धान बेचने का पंजीयन जैसे कार्य पूरी तरह से रुके हुए हैं। इससे राजस्व विभाग में लंबित मामलों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है।

किसान और छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित

हड़ताल का असर किसानों और छात्रों पर सबसे अधिक पड़ा है। किसान ज़मीन संबंधी दस्तावेज़ नहीं मिलने के कारण खेती-बाड़ी से जुड़े कामों में परेशान हैं, वहीं छात्रों को जाति, निवास और आय प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और स्कॉलरशिप में बाधा आ रही है।

पटवारियों की दलील – संसाधन नहीं, फिर कैसे करें ऑनलाइन काम?

पटवारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम लागू तो कर दिया गया है, लेकिन उन्हें कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रशिक्षण और ऑफिस की सुविधाएं नहीं दी गईं। मजबूरी में उन्हें खुद के खर्च पर दफ्तर खोलना पड़ा है, जिसका किराया तक अपनी जेब से देना पड़ रहा है। इन हालातों में भी उन पर काम करने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उन्होंने हड़ताल करने का फैसला लिया।

कार्रवाई की चेतावनी

राजस्व विभाग ने सभी जिलों के पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
एसडीएम रवि सिंह ने बताया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो पटवारियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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