Vedanta Power Plant Blast: 7 बड़े अपडेट, सक्ती हादसे में मौतों का आंकड़ा 13, मुआवजे का ऐलान

Vedanta Power plant blast

Vedanta Power Plant Blast में बड़ा हादसा। सक्ती में बॉयलर ब्लास्ट से 13 मजदूरों की मौत, कई घायल, सीएम ने मुआवजे का ऐलान किया।

Vedanta Power Plant Blast ने छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में बड़ा हादसा खड़ा कर दिया है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इलाज के दौरान रायगढ़ के अस्पताल में 3 और मजदूरों ने दम तोड़ दिया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

 

Vedanta Power Plant Blast के बाद कई मजदूर अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि 26 से ज्यादा घायल मजदूर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें कई की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। मृतकों में ज्यादातर मजदूर पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और सरकार दोनों अलर्ट मोड पर हैं। यह घटना औद्योगिक सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर रही है।

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कैसे हुआ Vedanta Power Plant Blast

Vedanta Power Plant Blast मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ। यह हादसा सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुआ, जहां अचानक बॉयलर फट गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना जोरदार था कि पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए।

Vedanta Power Plant Blast के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई लोगों को बचाया नहीं जा सका।

 

मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका

Vedanta Power Plant Blast में अब तक 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है, लेकिन यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। अस्पताल में भर्ती कई मजदूरों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

डॉक्टरों के अनुसार, गंभीर रूप से झुलसे हुए मरीजों की स्थिति चिंताजनक है। ऐसे में आने वाले दिनों में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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परिजनों का गुस्सा फूटा

Vedanta Power Plant Blast के बाद मजदूरों के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्लांट के बाहर परिजनों ने हंगामा किया और एम्बुलेंस तक को रोक दिया।

लोगों ने मांग की कि उन्हें घायलों और मृतकों की सही जानकारी दी जाए। परिजनों का आरोप है कि उन्हें न तो अपने परिजनों से मिलने दिया जा रहा है और न ही पूरी जानकारी दी जा रही है।

स्थिति को देखते हुए प्लांट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

 

मुआवजे और नौकरी की मांग

Vedanta Power Plant Blast के बाद परिजनों ने सरकार और कंपनी से मुआवजे के साथ-साथ नौकरी की भी मांग की है। उनका कहना है कि जिन परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं, उन्हें स्थायी सहायता मिलनी चाहिए।

यह मुद्दा अब सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील होता जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

Vedanta Power Plant Blast पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। साथ ही उन्होंने सभी घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश भी दिए हैं।

 

जांच के आदेश और सख्त कार्रवाई

Vedanta Power Plant Blast के बाद मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कमिश्नर को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

Vedanta power plant blast

 

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी इस Vedanta Power Plant Blast पर दुख जताया है और अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त एम्बुलेंस और मेडिकल संसाधन भी भेजे गए हैं।

 

घायल मजदूरों का इलाज जारी

Vedanta Power Plant Blast में घायल मजदूरों का इलाज रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस और अन्य अस्पतालों में चल रहा है। डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनके लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है।

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