Bilaspur Badam Kand: NOC के नाम पर पैसे मांगने का आरोप, पूनम बंजारे का नया वीडियो वायरल

Bilaspur Badam Kand

Bilaspur Badam Kand में नया मोड़, NOC के लिए पैसे मांगने के आरोप का वीडियो वायरल। प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई।

Bilaspur Badam Kand एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सामने आए इस बहुचर्चित मामले ने नया मोड़ ले लिया है, जहां छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की वरिष्ठ सहायक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

Kand के तहत अब एक नया वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एनओसी (No Objection Certificate) जारी करने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है और प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।

 

NOC के बदले पैसे मांगने का आरोप

Bilaspur Badam Kand में आरोप है कि एक महिला आवेदक और उसके बेटे को लंबे समय तक ऑफिस के चक्कर लगवाए गए।

बताया जा रहा है कि करीब एक से डेढ़ महीने तक जानबूझकर एनओसी को लंबित रखा गया और इस दौरान पैसे की मांग की गई। इससे आवेदक को मानसिक और प्रशासनिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

 

वायरल वीडियो में दिखा विवाद

Bilaspur Badam Kand के वायरल वीडियो में महिला आवेदक अधिकारी से गुहार लगाते हुए नजर आ रही है।

वीडियो में महिला कहती दिखाई दे रही है — “मैडम गाली मत दो”, जबकि आरोप है कि संबंधित अधिकारी द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया।

इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में कामकाज के तरीके और व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

पूनम बंजारे की सफाई

Bilaspur Badam Kand में आरोपों के बाद वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे ने अपनी सफाई भी दी है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार के पैसे की मांग नहीं की है और उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं।

हालांकि, वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस साफ देखी जा सकती है, जिससे स्थिति और विवादित हो गई है।

 

पुराना है मामला, फाइल लंबित

Bilaspur Badam Kand से जुड़ी जानकारी के अनुसार यह मामला मार्च 2025 के अंत का बताया जा रहा है।

आवेदक का नामांतरण से जुड़ा आवेदन 17 मार्च 2025 से लंबित था। इसके बाद 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बावजूद आवेदक को इसका लाभ नहीं मिल पाया।

इससे यह सवाल उठता है कि आखिर फाइल इतनी लंबी अवधि तक लंबित क्यों रही।

 

फाइल दबाने के आरोप मजबूत

Bilaspur Badam Kand में सामने आए तथ्यों के आधार पर फाइल दबाकर रखने के आरोप भी मजबूत होते नजर आ रहे हैं।

आवेदक को समय पर सेवा नहीं मिलने और बार-बार चक्कर लगाने की मजबूरी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन

Bilaspur Badam Kand के बढ़ते विवाद के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे को नवा रायपुर स्थित मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे को भी साइडलाइन किया गया है।

 

कमिश्नर का सख्त संदेश

Bilaspur Badam Kand पर प्रतिक्रिया देते हुए कमिश्नर अवनीश शरण ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।

 

सुशासन के दावों पर उठे सवाल

Bilaspur Badam Kand के बाद सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

जहां एक ओर सरकार सुशासन और पारदर्शिता की बात करती है, वहीं इस तरह के मामलों से उन दावों पर असर पड़ता है।

 

Bilaspur Badam Kand

जनता में बढ़ी नाराजगी

Bilaspur Badam Kand के कारण आम जनता में भी नाराजगी देखी जा रही है।

लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में काम कराने के लिए अभी भी उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 

पारदर्शिता की जरूरत

Bilaspur Badam Kand यह संकेत देता है कि सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने की जरूरत है।

ऑनलाइन सिस्टम और समयबद्ध सेवाओं के बावजूद अगर इस तरह के आरोप सामने आते हैं, तो सुधार की आवश्यकता साफ नजर आती है।

Bilaspur Badam Kand ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है। वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

हालांकि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई कर संदेश देने की कोशिश की है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग पाएगी।

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