Vice Presidential Polls : उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर, BRS और BJD ने किया मतदान से दूर रहने का ऐलान

Vice Presidential Polls

Vice Presidential Polls

Vice Presidential Polls: देश के नए उपराष्ट्रपति के चुनाव से ठीक पहले बीआरएस (BRS) और बीजू जनता दल (BJD) ने चौंकाने वाला फैसला लिया है। दोनों दलों ने साफ कर दिया है कि वे उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे।

BJD ने किया मतदान का बहिष्कार

बीजद प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने सोमवार को घोषणा की कि पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने वरिष्ठ नेताओं, पीएसी सदस्यों और सांसदों से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया। पात्रा ने कहा – “हमारा पूरा ध्यान राज्य और उसके 4.5 करोड़ लोगों के विकास पर है।”

BRS ने भी किया दूरी बनाने का ऐलान

तेलंगाना में बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने भी कहा कि उनकी पार्टी 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में शामिल नहीं होगी। उन्होंने केंद्र पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि यूरिया की कमी इतनी गंभीर है कि किसानों को कतारों में झगड़ा करना पड़ रहा है। रामाराव ने कहा – “अगर चुनाव में NOTA का विकल्प होता तो हम उसका इस्तेमाल करते।”

मुकाबला राधाकृष्णन बनाम सुदर्शन रेड्डी

इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन और विपक्ष समर्थित बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। राधाकृष्णन बीजेपी संगठन के भरोसेमंद चेहरे माने जाते हैं, जबकि पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज सुदर्शन रेड्डी अपनी ईमानदार और निष्पक्ष छवि के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि यह चुनाव राजनीति बनाम न्यायपालिका की टक्कर के रूप में भी देखा जा रहा है।

एनडीए की जीत लगभग तय

संसद में सांसदों की मौजूदा संख्या को देखते हुए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। कुल मतदाताओं की संख्या इस बार 781 है, जबकि सात सीटें खाली हैं। विपक्ष के उम्मीदवार रेड्डी को भी मजबूत चुनौती देने का मौका मिल रहा है, लेकिन संख्या का गणित एनडीए के पक्ष में है।

किन दलों ने स्थिति साफ नहीं की

बीआरएस और बीजद ने स्पष्ट रूप से चुनाव से दूरी बना ली है। वहीं, अकाली दल, जेडपीएम, वीओटीटीपी के सांसदों और कुछ निर्दलीय सांसदों ने अभी तक अपनी स्थिति साफ नहीं की है। ऐसे में चुनावी माहौल बेहद दिलचस्प हो गया है।

Youthwings