महिला आरक्षण विधेयक: आखिर ऐसा क्या हुआ कि संसद में भड़क उठीं Priyanka Gandhi Vadra ? सभी रह गए दंग

Priyanka Gandhi Vadra

संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया। कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में जल्दबाजी दिखाई जा रही है और प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण और बड़े संवैधानिक बदलाव को बिना पर्याप्त तैयारी के लागू करना उचित नहीं है। प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसके लागू करने के तरीके, समय और इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर गंभीर चर्चा जरूरी है।

परिसीमन और 2011 जनगणना पर उठे सवाल

Priyanka Gandhi Vadra ने अपने बयान में सबसे बड़ा सवाल परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पर उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करने की कोशिश कर रही है, जो वर्तमान परिस्थितियों को सही तरीके से नहीं दर्शाती।उन्होंने तर्क दिया कि जब देश में बड़े पैमाने पर जनसंख्या परिवर्तन और सामाजिक बदलाव हो चुके हैं, तो इतने पुराने आंकड़ों के आधार पर कोई भी बड़ा निर्णय लेना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे संवेदनशील फैसलों के लिए अद्यतन और विश्वसनीय डेटा बेहद जरूरी होता है।

संसद विस्तार और प्रतिनिधित्व पर सवाल

Priyanka Gandhi Vadra ने यह भी कहा कि संसद के 50 प्रतिशत विस्तार का प्रस्ताव तो सामने आया है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति में इस विषय को लेकर स्पष्टता की कमी है। उन्होंने कहा कि अगर महिला आरक्षण लागू किया जाता है, तो इसके लिए संसदीय संरचना और सीटों के पुनर्वितरण पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन इस पर पारदर्शिता नहीं दिखाई दे रही है।

Priyanka Gandhi Vadra

ओबीसी वर्ग और अधिकारों को लेकर आरोप

Priyanka Gandhi Vadra ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ ओबीसी वर्ग के हितों की बात की जाती है, लेकिन दूसरी तरफ उनके वास्तविक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। प्रियंका गांधी के अनुसार, जब तक नई जनगणना नहीं होती, तब तक ओबीसी वर्ग की वास्तविक स्थिति और संख्या स्पष्ट नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि बिना सही आंकड़ों के नीतिगत फैसले लेना समाज के बड़े वर्ग के साथ अन्याय हो सकता है।

प्रधानमंत्री और सरकार पर तीखा तंज

Priyanka Gandhi Vadra ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री “घबराए हुए” हैं, क्योंकि नई जनगणना होने पर ओबीसी वर्ग के वास्तविक आंकड़े सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करके जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। प्रियंका गांधी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी बताया। इसके अलावा उन्होंने असम में हुए परिसीमन का उदाहरण देते हुए Priyanka Gandhi Vadra ने कहा कि वहां सीमांकन की प्रक्रिया पर कई सवाल उठे थे और इसकी निष्पक्षता पर विवाद रहा है।

चाणक्य का उल्लेख और राजनीतिक तंज

अपने बयान को और तीखा बनाते हुए Priyanka Gandhi Vadra ने केंद्रीय गृह मंत्री पर भी परोक्ष रूप से टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर प्राचीन रणनीतिकार चाणक्य आज जीवित होते, तो वे भी मौजूदा परिस्थितियों को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते। इस बयान को राजनीतिक हलकों में सरकार पर तीखे व्यंग्य के रूप में देखा जा रहा है।

महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया पर मुख्य सवाल

Priyanka Gandhi Vadra ने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह उठाया कि जब लोकसभा में पहले से 543 सीटें हैं, तो इन्हीं सीटों के भीतर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत क्यों लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस पूरे विधेयक को जिस तरह से आगे बढ़ाया जा रहा है, वह इसे एक राजनीतिक उपकरण की तरह प्रस्तुत करता है, जबकि यह एक सामाजिक सुधार का मुद्दा होना चाहिए।

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