Ashok Mittal ED Raid : कुर्सी छिनने का लिया बदला! क्या Raghav Chadha के इशारे पर हुई मित्तल के घर रेड? जानें
राज्यसभा उपनेता बनते ही ईडी का छापा, AAP बोली- ‘Z+ सिक्योरिटी के बदले राघव चड्ढा ने कराई रेड’
Ashok Mittal ED Raid : Aam adami party में politics के बीच पंजाब की सियासत गरमा गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के जालंधर स्थित आवास और उनकी निजी यूनिवर्सिटी पर छापेमारी की है।
यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की गई, जिसमें लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और गुरुग्राम में उनसे जुड़े शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं।
इस छापेमारी को लेकर आप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस रेड के पीछे Raghav Chadha का हाथ है। इस Ashok Mittal ED Raid ने पार्टी में अंतर्कलह की आशंकाओं को हवा दे दी है।
संसद में पद से हटाए जाने से नाराज थे राघव चड्ढा?
मामले में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा, “अभी कुछ दिन पहले डॉ अशोक मित्तल को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का डिप्टी लीडर बनाया गया. इससे पहले ये पद राघव चड्ढा के पास होता था.
ये बताया जा रहा है कि राघव चड्ढा बहुत नाराज थे इस बात को लेकर कि डिप्टी लीडर उनको हटाकर अशोक मित्तल को क्यों बनाया गया?” Raghav Chadha z+ security और Ashok Mittal replaced Raghav Chadha के इस घटनाक्रम ने पूरे देश का ध्यान खींचा है।
AAP सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा को हाल ही में पार्टी की स्टार प्रचारक सूची से भी हटाया गया था, जिसके बाद से वह केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने में संकोच कर रहे थे।
राघव चड्ढा को Z+ सिक्योरिटी पर सियासत
अपने वीडियो संदेश में अनुराग ढांडा आगे कहते हैं, “क्या ये महज संयोग हो सकता है कि Raghav Chadha उस पद से हटे, डॉ अशोक मित्तल डिप्टी लीडर बने, उसके कुछ ही दिन बाद डॉक्टर अशोक मित्तल के घर पर ईडी की रेड हो जाए और राघव चड्ढा को केंद्र की तरफ से जेड प्लस की सिक्योरिटी मिल जाए.
क्या ये महज संयोग हो सकता है?” गौरतलब है कि जिस दिन पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा की Z+ सुरक्षा वापस ली, उसी दिन केंद्र सरकार ने उन्हें Z कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान कर दी। इस पूरे प्रकरण को Anurag Dhanda allegations ने एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
‘बीजेपी की टॉप लीडरशिप से हुई मुलाकात’
अपने वीडियो में अनुराग ढांडा आगे कहते हैं, “मैं इसी से संबंधित कई जर्नलिस्ट साथियों से बात कर रहा था. कई लोगों ने मुझे ये कंफर्म किया कि उनके सोर्सेज ये कंफर्म कर रहे हैं कि पिछले दिनों में राघव चड्ढा की बीजेपी की टॉप लीडरशिप से मुलाकात हुई है.
उसी मीटिंग में ये तय हो गया था कि डॉ अशोक मित्तल के यहां पर ईडी की रेड कराई जाएगी. इससे पंजाब में बीजेपी के चुनावी कैंपेन का आगाज होगा…
राघव चड्ढा ने बीजेपी की टॉप लीडरशिप से मिलकर पहली बात यही की कि डॉ अशोक मित्तल के यहां पर ईडी की रेड कराई जाए. उनको डराने और धमकाने की कोशिश की जाए.” Punjab ED raid political vendetta के इन आरोपों पर अब तक बीजेपी या राघव चड्ढा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईडी ने किन जगहों पर मारी रेड?
प्रवर्तन निदेशालय की इस बड़ी कार्रवाई के तहत ED FEMA probe Lovely Group से जुड़े करीब 8-9 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनमें जालंधर और फगवाड़ा स्थित अशोक मित्तल के आवासीय परिसर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के कैंपस, गुरुग्राम के टेट्र कॉलेज ऑफ बिजनेस और मास्टर्स यूनियन कॉलेज ऑफ बिजनेस शामिल हैं।
ईडी के अनुसार, यह जांच विदेशी मुद्रा लेनदेन में संभावित अनियमितताओं से जुड़ी है। Ashok Mittal ED raid को लेकर ईडी का कहना है कि यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है।
सीएम भगवंत मान ने क्या कहा?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “ठेठ मोदी-शैली” का राजनीतिक बदला और पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी की साजिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास अब चुनाव जीतने का एकमात्र विकल्प ED, CBI और चुनाव आयोग का दुरुपयोग करना रह गया है। Bhagwant Mann के इन बयानों ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ED अपना काम कर रही है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
आगे क्या? राजनीतिक तूफान के आसार
राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद से राघव चड्ढा लगातार AAP नेतृत्व से किनारा करते नजर आ रहे थे। पार्टी प्रवक्ता अनुराग ढांडा पहले भी उन पर पीएम मोदी से डरने का आरोप लगा चुके हैं।
ऐसे में इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि AAP में अब बड़ा अंतर्कलह सामने आ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और गरमा सकता है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए।
राघव चड्ढा ने AAP पर क्या लगाए थे आरोप?
गौरतलब है कि इससे पहले राघव चड्ढा ने AAP पर आरोप लगाया था कि पार्टी उन्हें संसद में बोलने का समय नहीं दे रही है और उन्हें “साइलेंस” किया जा रहा है।
इस पर AAP के अनुराग ढांडा ने पलटवार करते हुए कहा था कि चड्ढा असल मुद्दों को उठाने से डरते हैं और सिर्फ “सॉफ्ट पीआर” कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया था कि जो व्यक्ति पीएम मोदी से डरता है, वह देश के लिए कैसे लड़ सकता है। यह विवाद आज ED रेड के रूप में एक नए मुकाम पर पहुंच गया है।
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