PM Modi on Women Reservation Bill : “मैं क्षमाप्रार्थी हूं..” पीएम मोदी का भावुक संदेश.. जानिए क्यों मांगी माफी!

PM Modi on Women Reservation Bill

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया, कांग्रेस-DMK-TMC-SP पर स्वार्थी राजनीति का आरोप

PM Modi on Women Reservation Bill : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के गिरने पर विपक्षी दलों को जमकर कोसा। पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति की उड़ान को रोकने का काम किया है और उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया।

‘माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं’ – पीएम मोदी ने मांगी माफी

PM Modi on Women Reservation Bill : पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, ‘आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया।

हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।’ यह सबसे भावुक पल था, जहां प्रधानमंत्री ने खुद को महिलाओं के सामने झुकाया।

 ‘दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान नारी शक्ति को हुआ’

पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को, देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है।’

उन्होंने स्पष्ट किया कि Nari Shakti Vandan Adhyayam failed Lok Sabha के लिए विपक्षी गठबंधन पूरी तरह जिम्मेदार है।

 ‘विधेयक किसी से कुछ छीन नहीं रहा था, 40 साल का हक देने का प्रयास था’

PM Modi ने विधेयक के महत्व को समझाते हुए कहा, ‘विधेयक किसी से कुछ छीन नहीं रहा था। ये तो हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के चुनाव में नारी का हक देने का संशोधन था।

ये नारी को नया अवसर, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। ये साफ नीयत और इमानदारी के साथ किया गया पवित्र प्रयास था।’

उन्होंने कहा कि 131st constitutional amendment bill defeated होने से देश की महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पाया।

 ‘विपक्ष खुशी से मेज थपथपा रहा था – नारी अपना अपमान नहीं भूलती’

पीएम ने कहा, ‘कल जब विधेयक पारित नहीं हुआ तो कांग्रेस, DMK और समाजवादी जैसी पार्टियां खुश हो रही थीं। मेज थपथपा रही थी। नारी सबकुछ भूल सकती है, लेकिन अपना आत्मसम्मान नहीं भूल सकती।

कल जब देश की नारी इन लोगों को देखेंगी, तो कहेंगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में नारी शक्ति का विरोध किया था। जिन्होंने कल संसद में इसका विरोध किया उनमें मैं कहूंगा कि ये लोग नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि Opposition selfish politics women empowerment का यह सबसे बड़ा उदाहरण है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मौके पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला था।

 ‘विपक्ष ने हमारे प्रयास की भ्रूण हत्या कर दी’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आगे कहा, ‘ये संसद में सभी राज्यों को अधिक शक्ति और समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। राज्य छोटा हो, बड़ा हो, दक्षिण का हो, भारत का हो, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस प्रयास की भ्रूण हत्या कर दी है।

कांग्रेस, DMK, TMC जैसे दल इसके अपराधी हैं। ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है। उसने हमेशा से षडयंत्र किए हैं।’ यह सबसे कड़ा बयान था, जहां उन्होंने विपक्ष को ‘अपराधी’ तक बता दिया।

‘विपक्षियों को जरूर मिलेगी सजा – नारी शक्ति फॉर ग्रांटेड मत लो’

पीएम मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘देश की नारी जब अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद रखेगी कि इन्हीं लोगों ने महिला आरक्षण को संसद में रोकने का काम किया। जिन दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं।

ये लोग भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही हैं। वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी हैं। इसलिए महिला आरक्षण ( Women Reservation Bill ) विरोध करके, जो पाप विपक्ष ने किया है, उन्हें सजा जरूर मिलेगी।’

 ‘नारी कभी नहीं भूलती अपना अपमान- तालियां नहीं, थप्पड़ थे’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब नारी शक्ति का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे।

उन्होंने जो किया, वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर, उनके आत्मसम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती है।’

 ‘हमारा आत्मबल अजेय है, आगे और मौके आएंगे’

प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास दिलाते हुए कहा, ‘मैं देश की नारी शक्ति को विश्वास दिलाता हूं कि इसके विरोध में आने वाली हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे। कल हमारे पास संख्या बल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम हार गए हैं। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारे पास आगे भी और मौके आएंगे।’

उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी और BJP two thirds majority failed by 54 votes के बावजूद हार नहीं मानी जाएगी।

 क्या था पूरा मामला? 54 वोटों से गिरा बिल

गौरतलब है कि महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। लोकसभा में इस बिल पर कुल 528 वोट पड़े। बिल को पारित कराने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट ही पड़े। ऐसे में 54 वोटों के अभाव से ये बिल गिर गया।

Congress DMK TMC SP opposed women quota ने मिलकर इस बिल को असफल कर दिया। प्रधानमंत्री ने इसी का हवाला देते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस मौके पर कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।

 विपक्ष ने पलटवार किया

पीएम मोदी के इस संबोधन के बाद विपक्षी दलों ने पलटवार किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सरकार खुद बहुमत नहीं जुटा पाई और आरोप विपक्ष पर लगा रही है। वहीं, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि बिना परिसीमन के महिला आरक्षण लागू करना असंभव है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा महिलाओं को सिर्फ ‘नारा’ बनाती है।

अगले सत्र में फिर होगी कोशिश

महिला आरक्षण बिल का मुद्दा आगामी लोकसभा चुनावों में बड़ा मुद्दा बनेगा। सरकार अगले संसद सत्र में फिर से यह बिल ला सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में साफ कर दिया कि वे इस मुद्दे को नहीं छोड़ेंगे।

 

 

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