Mungeli Dispute Case: जिला पंचायत अध्यक्ष और इंजीनियर में विवाद, शिकायत के बाद बढ़ा तनाव
जिला पंचायत अध्यक्ष और उप अभियंता के बीच आरोप-प्रत्यारोप, प्रशासन ने जांच के दिए आदेश।
Mungeli Dispute Case को लेकर छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में बड़ा विवाद सामने आया है। जिला पंचायत कार्यालय में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय ने उप अभियंता सोनल जैन के खिलाफ कलेक्टर और एसपी को लिखित शिकायत सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए।
क्या है पूरा मामला
Mungeli Dispute Case की शुरुआत 16 अप्रैल 2026 की एक घटना से जुड़ी है। शिकायत के अनुसार, शाम करीब 4 बजे उप अभियंता सोनल जैन जिला पंचायत अध्यक्ष के चेम्बर में पहुंचीं।
अध्यक्ष का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डाली और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि उप अभियंता ने अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।
अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
Mungeli Dispute Case में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय ने आरोप लगाया कि उप अभियंता ने उन्हें धमकी दी।
शिकायत के अनुसार, उप अभियंता ने कहा कि वे उन्हें फंसा देंगी और उनके खिलाफ कार्रवाई करवाएंगी। इस घटना से अध्यक्ष ने खुद को मानसिक रूप से आहत और असहज बताया है।
कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
Mungeli Dispute Case को लेकर अध्यक्ष ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उनके निजी सहायक संदीप पाण्डेय और भृत्य अनिल पाटले मौजूद थे, जो इस घटना के गवाह हैं।
अध्यक्ष ने भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, साथ ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
तालाबंदी की चेतावनी
Mungeli Dispute Case में मामला और गंभीर तब हो गया जब जिला पंचायत अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे कार्यालय में तालाबंदी करेंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उप अभियंता ने आरोपों को बताया गलत
Mungeli Dispute Case में उप अभियंता सोनल जैन ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले कई महीनों से परेशान किया जा रहा है और उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
दबाव और कार्य को लेकर आरोप
Mungeli Dispute Case में सोनल जैन ने आरोप लगाया कि फील्ड में काम के दौरान सरपंचों के कार्यों को लेकर उन पर दबाव बनाया जाता था।
उन्होंने कहा कि अधूरे कामों के फाइनल बिल पास करने के लिए भी उनसे कहा जाता था, जिसे उन्होंने गलत मानते हुए विरोध किया।
आत्महत्या प्रयास का भी जिक्र
उप अभियंता ने यह भी दावा किया कि उनके आत्महत्या के प्रयास के बाद भी उन्हें परेशान किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ शिकायतें करवाने के लिए दबाव बनाया गया।
साक्ष्य होने का दावा
Mungeli Dispute Case में सोनल जैन ने कहा कि उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग सहित कई साक्ष्य मौजूद हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन रिकॉर्डिंग में कुछ जनप्रतिनिधियों के नाम भी सामने आते हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
प्रशासन का क्या कहना है
Mungeli Dispute Case को लेकर प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
कलेक्टर कुंदन कुमार और एसपी भोजराम पटेल ने कहा कि उन्हें शिकायत प्राप्त हो गई है और जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
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