‘वीर गार्जियन 2026’ से नई उड़ान: रणबांकुरों की धरती पर उतरे जापान के आधुनिक लड़ाकू विमान, आसमान में दिखेगा अद्भुत तालमेल!

जोधपुर।

भारत और जापान के बीच रणनीतिक और रक्षा साझेदारी को नए मुकाम पर ले जाने के लिए बुधवार, 9 सितंबर से राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर संयुक्त हवाई युद्धाभ्यास ‘वीर गार्जियन 2026’ (Veer Guardian 2026) की औपचारिक शुरुआत हो गई। 9 सितंबर से 22 सितंबर तक चलने वाले इस 14 दिवसीय द्विपक्षीय युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों मित्र राष्ट्रों की वायु सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी), युद्धक रणनीति और आपसी सैन्य समझ को मजबूत करना है। यह ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास का दूसरा संस्करण है।

जापानी F-2 लड़ाकू विमान और C-2 एयरक्राफ्ट पहुंचे जोधपुर

इस अभ्यास का मुख्य आकर्षण जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF) के अत्याधुनिक F-2 लड़ाकू विमान हैं। अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए जापानी वायुसेना का दल पहले ही जोधपुर एयरबेस पहुंच चुका है। जापानी दल के सैन्य साजो-सामान और कर्मियों को लेकर जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के दो विशाल सी-2 (C-2) परिवहन विमान पहले ही जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर सुरक्षित लैंड कर चुके हैं, जिसके साथ ही दोनों देशों के बीच सामरिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

हवा में परखी जाएगी मारक क्षमता और इंटरऑपरेबिलिटी

जोधपुर का आसमान आने वाले पखवाड़े में भारतीय वायुसेना (IAF) और जापान के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स के जटिल फॉर्मेशन और डॉगफाइट्स का साक्षी बनेगा। अभ्यास के दौरान:

संयुक्त हवाई अभियान: दोनों वायु सेनाओं के पायलट और क्रू जटिल एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड ऑपरेशंस का लाइव अभ्यास करेंगे।

रणनीतिक अनुभव का आदान-प्रदान: दोनों देशों के वायु योद्धा एक-दूसरे के ऑपरेशनल तौर-तरीकों, आधुनिक तकनीकों और मिशन प्लानिंग को साझा करेंगे।

सटीक समन्वय: किसी भी साझा सुरक्षा चुनौती के समय दोनों सेनाओं के बीच त्वरित और निर्बाध इंटरऑपरेबिलिटी को धार दी जाएगी।

इंडो-पैसिफिक में स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम

भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह नियमित अभ्यास दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास का सशक्त प्रमाण है। नियमित संयुक्त अभ्यासों से दोनों सेनाएं एक-दूसरे के उन्नत तकनीकी अनुभवों और युद्धक क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझ पा रही हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने और क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को साधने के लिहाज से ‘वीर गार्जियन 2026’ दोनों देशों के रक्षा सहयोग को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

Youthwings