समुद्र से आसमान तक भड़का भीषण युद्ध! ईरान ने पकड़ा सीक्रेट अंडरवॉटर ड्रोन Dive-LD, अमेरिकी एयरबेस पर दागीं 20 मिसाइलें
तेहरान। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब समुद्र के तल से लेकर आसमान तक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने सामरिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास अमेरिकी नौसेना के एक अत्याधुनिक मानवरहित अंडरवॉटर ड्रोन को जब्त करने का सनसनीखेज दावा किया है। इसके साथ ही, ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर भारी बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर इसे अपने तेल टैंकरों पर हुए हमलों का ‘दंडात्मक बदला’ करार दिया है।
ईरानी नौसेना के हाथ लगा 19 फीट का अमेरिकी ‘Dive-LD’ ड्रोन
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले जलडमरूमध्य में एक आधुनिक ऑटोनॉमस सबमरीन जैसी मशीन को ट्रैक कर अपने कब्जे में ले लिया। इस अत्याधुनिक उपकरण की पहचान ‘Dive-LD’ के रूप में की गई है, जिसे कैलिफोर्निया स्थित मशहूर अमेरिकी रक्षा फर्म एंडुरिल ने तैयार किया है।
लगभग 19 फीट लंबा यह ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल गहरे समुद्र में कई जटिल सैन्य अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है:
खुफिया जासूसी और मैपिंग: समुद्र की तलहटी का त्रि-आयामी नक्शा तैयार करना और दुश्मन की पनडुब्बियों की टोह लेना।
अंडरवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी: समुद्र के भीतर बिछी रणनीतिक इंटरनेट संचार केबलों और तेल-गैस पाइपलाइनों की निगरानी व जांच।
माइन क्लीयरेंस: पानी के भीतर बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना।
जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर दागीं 20 मिसाइलें
अंडरवॉटर ड्रोन की जब्ती के समानांतर, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने पुष्टि की है कि IRGC ने जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी एयरबेस पर भारी बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला किया।
हालांकि, जॉर्डन की सेना ने स्पष्ट किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने तत्परता दिखाते हुए कुल 20 बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक किया। इनमें से 18 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया, जबकि बची हुई 2 मिसाइलें आबादी से दूर निर्जन इलाके में जाकर गिरीं, जिससे बेस पर कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
अमेरिका ने उड़ाए थे ईरान के 5 तेल टैंकर; मार्को रुबियो की खुली चेतावनी
ईरान की यह आक्रामक कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा 8 सितंबर को की गई सैन्य स्ट्राइक के जवाब में सामने आई है। अमेरिकी सेना ने पिछले 48 घंटों में अपने युद्धपोतों पर हुए लगातार हमलों का बदला लेते हुए ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े पांच विशाल तेल टैंकरों को सटीक हमलों से तबाह कर दिया था। इनमें से चार टैंकर ओमान की खाड़ी में और पांचवां जहाज फारस की खाड़ी के खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया था।
इधर, कोलंबिया की आधिकारिक यात्रा पर मौजूद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैरनक्विला में मीडिया से बात करते हुए ईरान को सख्त चेतावनी दी। रुबियो ने कहा, “ईरान लगातार अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों को निशाना बनाने की फिराक में है। तेहरान यह अच्छी तरह समझ ले कि जब भी वे ऐसा करेंगे या करने की कोशिश करेंगे, अमेरिकी सेना उनके तेल टैंकरों को समुद्र में ही खाक कर देगी।”
