‘बस थोड़ा इंतजार, पानी जैसा सस्ता होगा पेट्रोल!’ ट्रंप के बयान से तेल बाजार में खलबली, क्या सच में औंधे मुंह गिरेंगे दाम?
डेस्क। मध्य पूर्व में बढ़ते भीषण तनाव और अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे टकराव में अमेरिका की अंतिम जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी और तेज गिरावट देखने को मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि युद्ध का पटाक्षेप होते ही आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन के दाम ऐतिहासिक रूप से सस्ते हो जाएंगे।
3 डॉलर से घटकर 2 डॉलर प्रति गैलन से नीचे पहुंचेंगे दाम: ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि युद्ध जीतने के बाद तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी। उन्होंने अमेरिकी उपभोक्ताओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के संदर्भ में कहा कि गैस की कीमत पहले गिरकर 3 डॉलर प्रति गैलन तक आएगी और अंततः यह 2 डॉलर प्रति गैलन के स्तर से भी नीचे जा सकती है। इसके साथ ही ट्रंप ने अपने पुराने संकल्प को दोहराते हुए साफ कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।
ईरान के तेल तंत्र पर अमेरिका का प्रहार
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तेल आपूर्ति को लेकर सीधा सैन्य टकराव शुरू हो चुका है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों या हितों को निशाना बनाया, तो अमेरिका उसके पूरे तेल टैंकर बेड़े को तबाह कर देगा। हेगसेथ ने दावा किया कि मौजूदा हमलों के बाद ईरान के पास न तो प्रभावी नौसेना बची है और न ही वायुसेना।
टैंकरों पर हमले का वीडियो जारी
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों पर किए गए विध्वंसक हमलों का वीडियो भी जारी किया है। अमेरिकी कमान के अनुसार, ये टैंकर अरबों डॉलर के उस अवैध नेटवर्क की रीढ़ थे, जिससे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को फंडिंग मिलती थी। सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी जहाजों पर किसी भी हमले की स्थिति में ईरान की तेल आपूर्ति श्रृंखला पर और भी बड़े आर्थिक प्रहार किए जाएंगे।
ईरान की चेतावनी: ‘हमारी संपत्तियों को छुआ तो नहीं बचोगे’
दूसरी ओर, अमेरिकी कार्रवाइयों और तेल ठिकानों को निशाना बनाने की धमकियों पर ईरान ने भी तीखा पलटवार किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान का तेल और गैस उत्पादन ढांचा बहुत विस्तृत है। अगर हमारी संपत्तियों पर हमला करेंगे तो आप पर भी हमला होगा। हम यह पहले ही साबित कर चुके हैं, जाकर उन ठिकानों से पूछिए जो अब काम करने लायक नहीं बचे।
नेतन्याहू बोले-‘ईरानी हुकूमत का अंत करीब’
इस पूरे घटनाक्रम पर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि तेहरान की मौजूदा सरकार अपने वजूद की लड़ाई लड़ रही है और उसका अंत बेहद करीब है। उन्होंने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस्राइल को आजमाने की भूल न की जाए। नेतन्याहू के अनुसार, ईरानी शासन का पतन मध्य पूर्व के रणनीतिक परिदृश्य को स्थायी रूप से बदल देगा। राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों का मानना है कि यदि ट्रंप का दावा हकीकत में बदलता है, तो युद्ध समाप्ति के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आने वाली गिरावट से महंगाई से जूझ रही पूरी दुनिया को बड़ा आर्थिक संबल मिल सकता है।
