रायपुर से रांची सिर्फ 7 घंटे में! बन रहा 707 KM का एक्सप्रेसवे, छत्तीसगढ़ को मिलेगा बड़ा कनेक्टिविटी बूस्ट
रायपुर: छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली एक बड़ी परियोजना अब तेजी से आकार ले रही है। रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद रायपुर से रांची और धनबाद तक का सफर पहले के मुकाबले काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। करीब 707 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को दोनों राज्यों के बीच तेज परिवहन और बेहतर आर्थिक कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद रायपुर से रांची की यात्रा करीब 7 घंटे में पूरी होने की उम्मीद है। वहीं रायपुर से धनबाद पहुंचने में लगभग 8 से 9 घंटे लग सकते हैं। मौजूदा सड़क मार्ग की तुलना में यह समय काफी कम होगा।
रायपुर-रांची सफर में कई घंटे की बचत
अभी रायपुर से रांची पहुंचने में करीब 13 से 14 घंटे तक का समय लग जाता है। रास्ते में कई जगह पुराने और टू-लेन मार्ग होने के कारण यात्रा लंबी हो जाती है। नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दोनों शहरों के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी विकसित होगी। इससे यात्रा का समय घटकर करीब 7 घंटे रहने की उम्मीद है। साथ ही मौजूदा रूट की तुलना में दूरी में भी लगभग 30 किलोमीटर तक की कमी आने की बात कही जा रही है।
धनबाद पहुंचना भी होगा आसान
रायपुर से धनबाद के बीच वर्तमान यात्रा में करीब 14 से 16 घंटे तक लग सकते हैं। एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यही सफर करीब 8 से 9 घंटे में पूरा होने की संभावना है।ग्रीनफील्ड हिस्से में नया और अपेक्षाकृत सीधा मार्ग तैयार किया जा रहा है। एक्सेस-कंट्रोल्ड व्यवस्था के चलते हाईवे पर तेज गति से वाहनों की आवाजाही आसान होगी। प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार कई हिस्सों में वाहन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।
छत्तीसगढ़ के इन इलाकों को मिलेगा फायदा
रायपुर-धनबाद कॉरिडोर छत्तीसगढ़ के कई प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ेगा। इसके दायरे में रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, पत्थलगांव, कुनकुरी और जशपुर जैसे इलाके शामिल हैं। झारखंड में यह कॉरिडोर गुमला, रांची, बोकारो और धनबाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। आगे यह नेटवर्क ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले यातायात के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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छत्तीसगढ़ में बनेगा 384 KM हिस्सा
पूरे रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे में छत्तीसगढ़ का हिस्सा करीब 384 किलोमीटर बताया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की ओर से पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक NH-43 पर काम शुरू किया गया है। यह कॉरिडोर रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को झारखंड के धनबाद से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। रायपुर से बिलासपुर के बीच मौजूदा सड़क को 6-लेन ब्राउनफील्ड एक्सप्रेसवे के तौर पर अपग्रेड किया जा रहा है। इसके आगे बिलासपुर से धनबाद की दिशा में कई हिस्सों में नया ग्रीनफील्ड रूट विकसित किया जा रहा है।
बायपास से शहरों के जाम से मिलेगी राहत
एक्सप्रेसवे की योजना में बड़े शहरों के भीतर से गुजरने के बजाय कई जगह बायपास और ओवरब्रिज का प्रावधान किया गया है। इससे स्थानीय यातायात और शहरों के जाम का असर लंबी दूरी के यात्रियों पर कम पड़ेगा। पूरे रूट पर सैकड़ों स्ट्रक्चर बनाए जाने की योजना है। इनमें बड़े और छोटे पुलों के साथ फ्लाईओवर तथा पैदल यात्रियों और वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अंडरपास भी शामिल हैं।
लॉजिस्टिक्स और कारोबार को मिलेगा फायदा
इस कॉरिडोर का असर केवल यात्रियों के सफर तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी से माल ढुलाई की गति बढ़ने और परिवहन लागत घटने की उम्मीद है। रायपुर और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों से झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर सामान पहुंचाना आसान होने से व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा मिल सकता है। परियोजना के पूरा होने के बाद लॉजिस्टिक्स लागत में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान बताया गया है।
2027 तक शुरू होने की तैयारी
रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे का निर्माण छत्तीसगढ़ और झारखंड में अलग-अलग पैकेज और चरणों में आगे बढ़ रहा है। परियोजना के बड़े हिस्से को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है, जबकि 2027 तक एक्सप्रेसवे को शुरू करने की तैयारी है। इसके चालू होने के बाद छत्तीसगढ़ से पूर्वी भारत के प्रमुख हिस्सों तक सड़क संपर्क और तेज हो सकता है। ऐसे में यह परियोजना राज्य के परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
