Chhattisgarh Bus Strike: हड़ताल से मचेगा हाहाकार? छत्तीसगढ़ में बसों पर लग सकता है ब्रेक!

Chhattisgarh Bus Strike: 21 सितंबर से पूरे प्रदेश में बंद हो सकती है बस सेवा, यातायात महासंघ ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

Chhattisgarh Bus Strike: छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। यातायात महासंघ ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी है। अगर 21 सितंबर तक मांगों पर फैसला नहीं हुआ, तो 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में बस सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद हो सकती है। आखिर बस संचालकों की वे 9 मांगें क्या हैं, जिन पर अटका है पूरा मामला? जानिए पूरी खबर।

Chhattisgarh Bus Strike: 22 सितंबर से बंद हो सकती है बस सेवा

छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के सामने मांगें रखी हैं। महासंघ का कहना है कि यदि 21 सितंबर 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो 22 सितंबर 2026 से पूरे प्रदेश में बस सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएगी।

महासंघ की इस चेतावनी के बाद प्रदेश में बस सेवा को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। यदि हड़ताल होती है, तो रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यात्री किराया बढ़ाने समेत 9 प्रमुख मांगें

छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें बस संचालकों से जुड़े किराया, परमिट, फिटनेस और टैक्स संबंधी मुद्दे शामिल हैं।

महासंघ की प्रमुख 9 मांगें इस प्रकार हैं:

  • यात्री किराया बढ़ाया जाए।
  • बसों में सिंगल स्लीपर का सिंगल टैक्स लिया जाए।
  • ई-बसों को शहर की सीमा के भीतर चलाने की अनुमति दी जाए।
  • ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों के ग्रामीण क्षेत्रों और बस स्टैंडों से संचालन पर प्रतिबंध लगाया जाए।
  • स्टेज कैरिज बसों के समयचक्र में दो बसों के बीच अंतराल निर्धारित किया जाए।
  • VLTD डिवाइस के रिन्यूअल की दर कम की जाए।
  • मैनुअल फिटनेस की सुविधा प्रदान की जाए।
  • प्रतिहस्ताक्षर की प्रक्रिया को नियंत्रित किया जाए।
  • सभी बसों के लिए ऑनलाइन परमिट बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

21 सितंबर तक सरकार के फैसले का इंतजार

यातायात महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपने के साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी है। महासंघ के मुताबिक, 21 सितंबर तक मांगें पूरी नहीं होने पर 22 सितंबर से बसों का अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया जाएगा।

फिलहाल बस यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तारीख 22 सितंबर है। हालांकि, हड़ताल वास्तव में होगी या सरकार और महासंघ के बीच बातचीत के जरिए कोई समाधान निकल जाएगा, यह 21 सितंबर तक होने वाले घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।

यात्रियों को हो सकती है परेशानी

अगर प्रदेशभर में बस सेवा बंद होती है, तो इसका सीधा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ सकता है। खासकर उन यात्रियों को परेशानी हो सकती है जो रोजाना आवागमन के लिए निजी बसों पर निर्भर हैं।

ऐसे में यात्रियों के लिए सलाह है कि वे 22 सितंबर के आसपास अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले बस सेवा की स्थिति की जानकारी जरूर जांच लें।

अब नजर सरकार और छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के बीच होने वाली बातचीत पर है। अगर समय रहते मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो 22 सितंबर से प्रदेश में बसों के पहिए थम सकते हैं।

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