Russia Ukraine War: पहले बमबारी, फिर साइबर अटैक! यूक्रेन में 24 की मौत से दहला इलाका, मोबाइल पर आए फर्जी अलर्ट
Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच जपोरीजिया क्षेत्र से एक बड़े हमले की खबर सामने आई है। यूक्रेन के एक गांव में राहत सामग्री वितरण केंद्र के रूप में इस्तेमाल हो रहे स्कूल पर रूसी बमबारी में 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में बचाव दल के दो सदस्य भी शामिल हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक, हमले के समय स्कूल में राहत सामग्री लेने आए लोगों के साथ कुछ लोग शरण भी लिए हुए थे। इस बीच दोनों देशों में मोबाइल एप पर साइबर हमले की खबरों ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए हैं।
राहत सामग्री केंद्र बने स्कूल पर दो बार हमला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि जपोरीजिया क्षेत्र के एक गांव में स्थित स्कूल को राहत सामग्री वितरण केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां जरूरतमंद लोगों को सहायता दी जा रही थी और कुछ लोगों ने शरण भी ले रखी थी।
जेलेंस्की के अनुसार, स्कूल की इमारत पर पहले हवाई हमला किया गया और कुछ ही देर बाद दोबारा हमला हुआ। इस हमले में 24 लोगों की जान चली गई। मृतकों में बचाव दल के दो सदस्य भी शामिल हैं, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
जपोरीजिया सिटी काउंसिल की सचिव रेजीना खारचेंको ने बताया कि हमले के बाद 27 लोग लापता हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। फिलहाल राहत और बचाव से जुड़ी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मोबाइल एप हैक, लोगों के फोन पर आने लगे परमाणु हमले के अलर्ट
Russia Ukraine War के बीच सोमवार को रूस और यूक्रेन के मोबाइल एप पर साइबर हमले की खबर भी सामने आई। यूक्रेन ने रूस पर अपने इमरजेंसी अलर्ट एप को हैक करने का आरोप लगाया है। बताया गया कि हैकिंग के बाद लोगों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर परमाणु और रासायनिक हमलों से जुड़े फर्जी अलर्ट आने लगे।
इन संदेशों से लोगों में डर फैल गया। कई लोग संभावित हमले से बचने के लिए सुरक्षित स्थान तलाशने लगे और घरों से बाहर निकलने से भी बचते रहे।
ओरेश्निक मिसाइल में परमाणु बम लगाए जाने का फर्जी संदेश
यूक्रेन में प्रसारित एक फर्जी अलर्ट में दावा किया गया कि रूस ने हाइपरसोनिक मिसाइल ओरेश्निक में परमाणु बम लगाकर उसे दाग दिया है। इस संदेश के सामने आने के बाद कई इलाकों में अफरातफरी का माहौल बन गया।
हालांकि, बाद में यूक्रेनी वायुसेना को पता चला कि देश का इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम हैक हो गया है और उससे जुड़े टेलीग्राम मैसेजिंग चैनल के जरिए गलत सूचनाएं भेजी जा रही हैं।
यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, अलर्ट संदेश रूसी भाषा में प्रसारित हो रहे थे। इसी आधार पर सिस्टम में गड़बड़ी और साइबर हमले की आशंका सामने आई।
रूस ने भी मोबाइल एप पर साइबर हमले की बात कही
इस घटनाक्रम के कुछ घंटे बाद रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने आपात मामलों के मंत्रालय के हवाले से बताया कि रूसी मोबाइल एप भी साइबर हमले का शिकार हुए हैं। इसके चलते लोगों तक गलत सूचनाएं पहुंच रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साइबर हमले की जिम्मेदारी यूक्रेन समर्थक हैकिंग समूह ‘आतेश’ ने ली है। रूसी सरकार ने लोगों से शांत रहने और अपना सामान्य कामकाज जारी रखने की अपील की है।
Russia Ukraine War के बीच साइबर हमलों ने बढ़ाई चिंता
Russia Ukraine War अब केवल सैन्य हमलों तक सीमित नहीं दिख रहा है। राहत केंद्र पर बमबारी और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम में सेंधमारी की घटनाओं ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
एक तरफ यूक्रेन में राहत सामग्री लेने पहुंचे लोगों की जान जाने की खबर है, तो दूसरी तरफ फर्जी परमाणु और रासायनिक हमले के अलर्ट से लोगों में भय का माहौल बना। ऐसे में युद्ध के बीच सूचना तंत्र और नागरिकों की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
