विधायक रिकेश सेन के खिलाफ साजिश का दावा, पूर्व भाजपा कार्यकर्ता ने वीडियो जारी कर किए खुलासे
विधायक रिकेश सेन
भिलाई की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन के खिलाफ कथित साजिश को लेकर एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में खुद को पूर्व भाजपा कार्यकर्ता बताने वाले जयप्रकाश यादव ने दावा किया है कि विधायक की छवि खराब करने और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की योजना बनाई जा रही थी। जयप्रकाश यादव ने कहा कि शहर के कुछ प्रभावशाली लोग विधायक के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव से असहज थे और इसी कारण उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई।
झूठे आरोप लगाने की साजिश का दावा
वीडियो में जयप्रकाश यादव ने दावा किया है कि विधायक रिकेश सेन को बलात्कार, महादेव ऑनलाइन सट्टा और अन्य गंभीर मामलों में फंसाने की तैयारी की जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस पूरे मामले में एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया ताकि वे विधायक के खिलाफ गलत जानकारी और अफवाहें फैलाएं हालांकि अब उन्होंने सामने आकर इस पूरे मामले का खुलासा किया है और इसे गलत बताते हुए विधायक से माफी भी मांगी है।
ऑडियो-वीडियो और चैट के होने का दावा
जयप्रकाश यादव का कहना है कि इस कथित साजिश से जुड़े कई लोगों के खिलाफ उनके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो क्लिप और व्हाट्सएप चैट जैसे सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी दस्तावेज मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपे जाएंगे ताकि पूरे मामले की जांच हो सके। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि किसी ईमानदार व्यक्ति को झूठे आरोपों में फंसाना गलत है और अब वे सच के साथ खड़े हैं।
8 मार्च को जनता के बीच लाइव होंगे विधायक
इस पूरे मामले को लेकर विधायक रिकेश सेन ने भी चुप्पी तोड़ने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार वे 8 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजे भिलाई के शांति नगर स्थित दशहरा मैदान में जनता के बीच लाइव होकर पूरे मामले पर अपनी बात रखेंगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान वे कथित साजिश से जुड़े तथ्यों को सामने रख सकते हैं और पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से जानकारी देंगे।
व्हाट्सएप कॉल पर मांगी माफी
जयप्रकाश यादव ने विधायक रिकेश सेन से व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी देने और कथित साजिश में शामिल नामों का जिक्र करने का दावा भी किया है। साथ ही उन्होंने विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि वे अब सच्चाई सामने लाना चाहते हैं। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और सभी की नजर 8 मार्च को होने वाले कार्यक्रम पर टिकी हुई है।
