‘दुनिया के जहाजो, अपने इंजन चालू करो’, होर्मुज स्ट्रेट खुला… क्या अब सस्ता होगा तेल?
ईरान पर से अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटी, कतर की मध्यस्थता में तेहरान में 14 घंटे से अधिक चली वार्ता
Iran peace deal के तहत करीब 107 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। दोनों देशों ने युद्धविराम, सैन्य अभियानों को रोकने और वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने पर सहमति जताई है। इस समझौते पर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाने की तैयारी है।
ट्रंप का बड़ा ऐलान – ‘दुनिया के जहाजो, अपने इंजन चालू करो’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान के साथ वार्ता सफल रही है और समुद्री मार्गों को फिर से खोलने का फैसला लिया गया है। ट्रंप ने लिखा, “ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। सभी को बधाई। मैंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तत्काल प्रभाव से मुक्त आवाजाही के लिए खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की मंजूरी दे दी है।”
ट्रंप ने आगे कहा, “दुनिया के जहाजो, अपने इंजन चालू करो। तेल को बहने दो!” उन्होंने इस सौदे को पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल करने वाला बताया है। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि समझौते के तहत ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में भी ढील दी जा सकती है।
कतर की मध्यस्थता से बनी सहमति – 14 घंटे से अधिक चली मैराथन वार्ता
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर समझौते की पुष्टि करते हुए बताया कि यह सहमति कतर की मध्यस्थता में तेहरान में हुई 14 घंटे से अधिक लंबी मैराथन वार्ता के बाद बनी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने से पहले ईरान समझौते को लागू नहीं करेगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, जिनके देश ने मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई थी, ने भी समझौते की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा की है।
ईरान की सेना की प्रतिक्रिया – ‘अमेरिका-इजराइल को हार स्वीकार करनी पड़ी’
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस शांति समझौते को अपनी बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक जीत बताया है। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के बयान में कहा गया कि देश की जनता और सशस्त्र बलों ने साबित कर दिया है कि दुश्मन के पास सरेंडर करने के अलावा अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। बयान में कहा गया, “हमारी सेना के सामने यूएस और इजराइल लाचार नजर आए। उन्होंने हमारी सेना के सामने हार मान ली है।”
19 जून को होंगे समझौते पर हस्ताक्षर – आगे 60 दिन की वार्ता
इस डील पर साइन होने का प्रोग्राम 19 जून को जिनेवा, स्विट्जरलैंड में किया जाना है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि इस समारोह में भाग लेंगे। उन्होंने फॉक्स न्यूज पर कहा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न हो, यह “इस समझौते में शामिल है” और अमेरिका इसके अनुपालन की निगरानी करने में सक्षम होगा।
यह समझौता 8 अप्रैल को हुए युद्धविराम को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ाएगा, जिसके दौरान दोनों पक्ष अंतिम सौदे का विवरण तय करेंगे। पिछले प्रमुख अड़चनों में ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम और तेल राजस्व तक पहुंच के बदले प्रतिबंधों में ढील जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं।
यह उस भीषण टकराव को सुलझाने की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को चरमरा दिया था और हजारों लोगों की जान ले ली थी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने से दुनिया की 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों पर दबाव कम होगा।
