तेज भूकंप से फिर दहला जापान! 5.9 मापी गई तीव्रता… जानें आखिर यहां बार-बार क्यों डोलती है धरती?
टोक्यो। जापान में एक बार फिर धरती के कांपने से दहशत फैल गई है। देश में 5.9 तीव्रता के तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप इतना जोरदार था कि देश की राजधानी टोक्यो तक में धरती हिलने लगी, जिससे लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदानों में निकल आए। वैसे तो जापान के लोगों के लिए भूकंप आम बात है, लेकिन इस बार झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोगों में खौफ साफ देखा गया। गनीमत यह रही कि अभी तक किसी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की खबर नहीं है।
कहां था भूकंप का केंद्र?
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भूकंप का केंद्र दक्षिणी इबाराकी प्रांत में स्थित था। इसकी गहराई यह भूकंप जमीन से करीब 70 किलोमीटर नीचे आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.8 दर्ज की गई है। यह इबाराकी का इलाका अपनी लगातार होने वाली भूकंपीय गतिविधियों के लिए ही जाना जाता है।
आखिर जापान में ही क्यों आते हैं इतने भूकंप?
दुनियाभर में सबसे तीव्र और सबसे ज्यादा भूकंप जापान में ही आते हैं। यहां हर साल 1,500 से अधिक ऐसे भूकंप आते हैं, जिनके झटके आम लोग महसूस कर सकते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण जापान की भौगोलिक स्थिति है:
‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित: जापान दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र, पैसिफिक ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है।
4 टेक्टोनिक प्लेटों का संगम: जापान के ठीक नीचे पृथ्वी की चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनमें पैसिफिक प्लेट, फिलीपीन सी प्लेट, यूरेशियन प्लेट और नॉर्थ अमेरिकन/ओखोट्स्क प्लेट शामिल हैं। इन प्लेटों के घर्षण और टकराव से ही भयानक ऊर्जा निकलती है, जो भूकंप का रूप ले लेती है।
क्या है ‘रिंग ऑफ फायर’ ?
यह प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला एक विशाल क्षेत्र है। इसका आकार घोड़े की नाल की तरह है और इसकी लंबाई करीब 40 हजार किलोमीटर है। दुनिया के 90% भूकंप और 75% सक्रिय ज्वालामुखी इसी ‘रिंग ऑफ फायर’ वाले इलाके में स्थित हैं। यही वजह है कि यहां हमेशा प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है।
