अमेरिका-ईरान जंग के बीच बिश्केक में बड़ी कूटनीतिक हलचल: PM मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियान की सीधी मुलाकात!
बिश्केक/नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात की है। फरवरी में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष भड़कने के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों की यह पहली आमने-सामने की व्यक्तिगत बैठक है। हालांकि इस मुलाकात में किन विशिष्ट रणनीतिक या कूटनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों की ओर से अभी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन वैश्विक तनाव और मध्य पूर्व में जारी अस्थिरता के लिहाज से इस वार्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद अहम माना जा रहा है।
संवाद और कूटनीति पर भारत का निरंतर जोर
फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरानी नेतृत्व के लगातार संपर्क में रहे हैं। भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि किसी भी विवाद का स्थायी समाधान युद्ध नहीं, बल्कि सार्थक बातचीत और कूटनीति है।
पीएम मोदी ने मध्य पूर्व में शांति बहाली के साथ-साथ लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री व व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखलाओं (Global Supply Chains) की सुरक्षा को अनिवार्य बताया है।
इससे पहले 30 जून को दोनों नेताओं की फोन पर विस्तृत चर्चा हुई थी, जिसमें पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई थी और ईरान में मौजूद भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति पेजेश्कियान का आभार व्यक्त किया था।
लारक द्वीप पर अमेरिकी हमला और ईरान की जवाबी कार्रवाई
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियान की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कुछ ही घंटे पहले अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने के अंतराल के बाद भीषण सैन्य टकराव देखने को मिला। अमेरिकी सेना ने लारक द्वीप पर स्थित ईरानी सैन्य रॉकेट लॉन्चर्स को हवाई हमलों से निशाना बनाया। अमेरिका का दावा है कि ईरान को रणनीतिक रूप से संवेदनशील हार्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हार्मुज के ऊपर एक अमेरिकी सैन्य ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है।
‘हम युद्ध नहीं चाहते, पर निर्णायक जवाब देंगे’ — मसूद पेजेश्कियान
ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद ईरानी नेतृत्व ने तनाव बढ़ाने का ठीकरा अमेरिका के सिर फोड़ा है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि ईरान स्वयं युद्ध की शुरुआत नहीं करना चाहता, लेकिन अगर उसकी संप्रभुता पर हमला हुआ, तो वह हमलावरों को मुंहतोड़ और निर्णायक जवाब देगा। बिश्केक रवाना होने से पहले भी पेजेश्कियान ने स्पष्ट संदेश दिया था कि किसी भी बाहरी आक्रामकता का उत्तर पूरी सैन्य शक्ति और दृढ़ता के साथ दिया जाएगा। ऐसे नाजुक माहौल में भारतीय प्रधानमंत्री के सा
