दुनिया के सबसे बड़े ‘ऑयल रूट’ पर अमेरिका का कब्जा? ट्रंप के एक पोस्ट से मची वैश्विक खलबली

डेस्क। मिडिल ईस्ट में पहले से ही सुलग रही जंग की आग अब और भड़कने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक बेहद चौंकाने वाला पोस्ट करते हुए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को अमेरिका की टेरिटरी घोषित कर दिया है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उन्होंने हाल ही में यह चेतावनी दी थी कि ईरान को हराने के बाद होर्मुज को पूरी तरह से अमेरिका में शामिल कर लिया जाएगा। उनके इस ऐलान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।

ईरान की दो-टूक: मांगें मानने तक नहीं खुलेगा होर्मुज

ट्रंप के इस पोस्ट से ठीक पहले ईरान ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, यह अहम समुद्री रास्ता बंद रहेगा।

ईरान का कहना था कि वो साफ कर देना चाहता हूं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका जून में हुए सीजफायर समझौते के तहत अपनी शर्तें पूरी नहीं करता।

ईरान ने अमेरिका के सामने रखी हैं ये 3 मुख्य मांगें:

  • अमेरिका की ओर से लगाई गई समुद्री नाकेबंदी को तत्काल खत्म किया जाए।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरानी तेल पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाया जाए।
  • विदेशों में जब्त की गई ईरानी संपत्तियों और फंड को तुरंत बहाल किया जाए।

क्यों इतना अहम है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक एनर्जी कॉरिडोर (Energy Corridor) है। यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया भर में तेल आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

फरवरी में जंग शुरू होने के बाद से ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर कड़ा नियंत्रण कर लिया है। यहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को ईरान से अनुमति लेनी पड़ती है और ‘ट्रांजिट फीस’ चुकानी होती है, जिसका अमेरिका और उसके सहयोगी देश कड़ा विरोध कर रहे हैं।

ट्रंप की हुंकार: “अब इस पर हमारा पूरा कंट्रोल है”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी हल्की डील से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का 60 दिन का समय पूरा हो चुका है। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि तेहरान हमारे साथ समझौता करना चाहता है लेकिन वह उस डील को मानने को तैयार नहीं है जो मैं जरूरी समझता हूं। हमारा मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। हम नाकेबंदी के जरिए होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करते हैं। मुझे इसे अपना इलाका घोषित करने का विचार पसंद है और अब इस पर हमारा पूरा कंट्रोल है।

इस दौरान ट्रंप ने ओमान को लेकर भी तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने ओमान को चेतावनी देते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा है, लेकिन हम उनसे आसानी से निपट लेंगे।

ईरान-ओमान के बीच नेविगेशन पर बन रही सहमति

एक तरफ ट्रंप ओमान को चेतावनी दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान और ओमान के बीच जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत जारी है। 17 अगस्त को ईरान ने बयान जारी कर बताया कि ओमान के साथ नए नेविगेशन रूट के ‘ज्योग्राफिकल पॉइंट्स’ पर सहमति बन गई है और बातचीत सकारात्मक है।

IRGC ने किया बैकचैनल बातचीत से इनकार

इस पूरे विवाद के बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के साथ किसी भी गुप्त बातचीत के दावों को खारिज कर दिया है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने ट्रंप के बैकचैनल बातचीत के दावों को ‘भ्रम’ करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि वाशिंगटन ने अपने वादे तोड़े हैं, इसलिए फिलहाल ईरान का राजनयिक तंत्र अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है।

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