PoK Crisis: पाकिस्तान के खिलाफ PoK में आर-पार की लड़ाई! 48 घंटे का अल्टीमेटम
पाकिस्तान ने नहीं मानीं मांगें, अब भारत से मानवीय सहायता की अपील, 600 से अधिक कार्यकर्ता गिरफ्तार
मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में राजनीतिक और जनआंदोलन का संकट एक बार फिर गहरा गया है। जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति (JAAC) ने पाकिस्तान सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उसकी 38 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं की गईं तो 9 जुलाई से विरोध प्रदर्शन का “बड़ा और अंतिम चरण” शुरू किया जाएगा
JAAC ने घोषणा की है कि मांगें नहीं मानी गईं तो मुजफ्फराबाद तक विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा . संगठन ने PoK के लोगों के साथ-साथ विदेशों में रह रहे कश्मीरियों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है
12 आरक्षित सीटें – विवाद की सबसे बड़ी वजह
आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को समाप्त करने की है. JAAC का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद PoK की राजनीति पर प्रभाव बनाए रखता है .
संगठन का दावा है कि 12 सीटें पाकिस्तान में रहने वाले करीब 43 लाख मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि PoK की 33 सीटें लगभग 33 लाख स्थानीय मतदाताओं के लिए हैं. JAAC नेता सरदार अमन खान ने कहा कि इन सीटों के माध्यम से पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान PoK की निर्वाचित सरकार को प्रभावित करता है.
PoK के सुप्रीम कोर्ट ने 7 जून को फैसला दिया था कि ये 12 आरक्षित सीटें संवैधानिक रूप से संरक्षित हैं और इन्हें कार्यकारी आदेश के माध्यम से समाप्त नहीं किया जा सकत.
38 सूत्रीय मांगें, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दे
JAAC ने 38 सूत्रीय मांगपत्र में जलविद्युत परियोजनाओं की समीक्षा, आटा जैसी आवश्यक वस्तुओं पर सब्सिडी, महंगाई पर नियंत्रण और बिजली दरों में कमी की मांग उठाई है. संगठन का कहना है कि PoK में उत्पादित बिजली के लिए स्थानीय लोगों से ही अधिक कीमत वसूली जाती है
रावलकोट के निवासियों का कहना है कि PoK में करीब 5,000 मेगावाट बिजली पैदा होती है, लेकिन स्थानीय उपयोग के लिए केवल 500 मेगावाट ही मिलती है
पाकिस्तान की कार्रवाई – 600 से अधिक गिरफ्तार
पाकिस्तानी अधिकारियों ने JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगा दिया है और 600 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की है, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान प्रशासन ने क्षेत्र में खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की आपूर्ति रोक दी है, जिससे मानवीय संकट पैदा हो गया है .
भारत से मानवीय सहायता की अपील
JAAC नेता सरदार अमन खान ने भारत से मानवीय सहायता भेजने और नियंत्रण रेखा (LoC) पर राहत के लिए कदम उठाने की अपील की है . उन्होंने कहा कि पीओके के लोगों को खाने-पीने की चीजों और दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है
रावलकोट के ईदगाह मैदान में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए खान ने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें लाइन ऑफ कंट्रोल की ओर बढ़ना चाहिए, और भीड़ ने बार-बार “उसकी ओर बढ़ें” का जवाब दिया.
यह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्थिति पर नजर रखी है। फिलहाल, PoK में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और 9 जुलाई को ‘आखिरी चरण’ के प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है
