Trump Netanyahu Meeting: ट्रंप-नेतन्याहू की बंद कमरे में अहम बैठक, ईरान पर कोई बड़ा फैसला नहीं
Trump Netanyahu Meeting: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच वॉशिंगटन में हुई अहम बैठक के बाद ईरान को लेकर कोई ठोस या निर्णायक समझौता सामने नहीं आया। दोनों नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। सत्ता में वापसी के बाद नेतन्याहू के साथ यह ट्रंप की सातवीं मुलाकात थी।
ट्रंप बोले – बातचीत जारी रहेगी
बैठक के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा, “हमने तय किया है कि ईरान के साथ बातचीत जारी रखी जाएगी, ताकि यह देखा जा सके कि कोई समझौता संभव है या नहीं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि समझौता हो जाता है तो वह प्राथमिकता होगी, लेकिन असफल होने पर आगे के विकल्पों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, इस पर नेतन्याहू की सहमति को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला।
परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर मतभेद
चर्चा से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि नेतन्याहू ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ-साथ उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को भी किसी संभावित समझौते में शामिल करने की मांग करेंगे।
इजरायली अधिकारियों का मानना है कि केवल परमाणु समझौता ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर पाएगा।
ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें ऐसा समझौता चाहिए जिसमें “न परमाणु हथियार हों और न मिसाइलें।” हालांकि उन्होंने इसका विस्तृत खाका साझा नहीं किया।
सैन्य विकल्प की चेतावनी
ट्रंप ने दोहराया कि अगर कूटनीति विफल रहती है तो सैन्य विकल्प भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने क्षेत्र में दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भेजने पर विचार की बात भी कही।
वहीं, ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह परमाणु वार्ता को अपने मिसाइल कार्यक्रम या क्षेत्रीय सहयोगियों से जोड़ने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेगा। तेहरान ने संभावित हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
गाज़ा और ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर चर्चा
बैठक में गाज़ा की स्थिति और संभावित संघर्ष विराम पर भी चर्चा हुई। हालांकि, हमास के निरस्त्रीकरण और इजरायली सैनिकों की वापसी जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल में शामिल होगा। बैठक के बाद जारी एक संक्षिप्त फोटो में दोनों नेता हाथ मिलाते नजर आए। ओवल ऑफिस में मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका और इजरायल के संबंध पहले की तरह मजबूत हैं और मध्य पूर्व में शांति की दिशा में प्रगति हो रही है।
