Teej-Pora Tihar: मुख्यमंत्री निवास में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक, महिलाओं ने गीत-नृत्य के साथ मनाया पर्व

Teej-Pora Tihar

नया रायपुर: छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व तीजा-पोरा तिहार की खुशियां शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में भी देखने को मिलीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की लोक परंपराओं, ग्रामीण संस्कृति और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े रंग नजर आए। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में पहुंचकर पारंपरिक तरीके से तीजा-पोरा का उत्सव मनाया। कार्यक्रम के दौरान लोकगीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ पारंपरिक झूलों और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भी आयोजन किया गया। इससे मुख्यमंत्री निवास का माहौल पूरी तरह पर्व की रंगत में नजर आया।

तीजा से जुड़ी है मायके की भावनाएं

छत्तीसगढ़ में तीजा पर्व महिलाओं के लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखता है। इस पर्व के जरिए मायके से जुड़ी यादें, पारिवारिक रिश्ते और आपसी स्नेह सामने आता है। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने मिलकर तीजा की खुशियां साझा कीं। पारंपरिक गीतों और उत्सव के माहौल ने पर्व की पुरानी परंपराओं को जीवंत कर दिया।

पोरा में पशुधन और खेती की झलक

तीजा के साथ मनाया जाने वाला पोरा तिहार प्रदेश की कृषि संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। खेती-किसानी में बैल और पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका को इस पर्व के जरिए सम्मान दिया जाता है। पोरा के अवसर पर मिट्टी से तैयार नंदी-बैल और पारंपरिक खिलौनों की पूजा करने की परंपरा है। यह त्योहार छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन और कृषि आधारित संस्कृति की पहचान भी माना जाता है।

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लोकगीतों और नृत्य ने जमाया रंग

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक लोकगीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। महिलाओं ने झूलों का आनंद लिया और उत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ी पकवानों का स्वाद भी लिया। कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ-साथ प्रदेश की पारंपरिक लोक संस्कृति को भी प्रमुखता दी गई।

मंत्री और जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद

इस विशेष आयोजन में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और रायपुर की महापौर मीनल चौबे समेत कई लोग शामिल हुए। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह और उनकी बहू ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

परंपरा और आधुनिक आयोजन का संगम

मुख्यमंत्री निवास में हुए तीजा-पोरा समारोह में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक विरासत को उत्सव के आधुनिक मंच के साथ जोड़ा गया। गीत-संगीत, नृत्य, झूले और पारंपरिक खान-पान के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाया गया। इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक तिहार आज भी लोगों के सामाजिक और पारिवारिक जीवन में खास जगह रखते हैं।

 

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