अमलेश्वर-रायपुर का संपर्क टूटा! 12 साल बाद डूबा महादेवघाट पुल, दुर्ग में 55 लोगों का रेस्क्यू
छत्तीसगढ़ में करीब 36 घंटे तक लगातार हुई बारिश के बाद फिलहाल बारिश थम गई है, लेकिन इसके बाद भी कई इलाकों में हालात सामान्य नहीं हुए हैं। रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है।
रायपुर के महादेवघाट पुल के ऊपर से करीब 2 फीट पानी बह रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बारिश और जलभराव का असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ा है। प्रदेश में 6 ट्रेनों के साथ एक फ्लाइट भी रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रायपुर की कई कॉलोनियां जलमग्न
लगातार बारिश के बाद राजधानी रायपुर की कई कॉलोनियों में पानी भर गया है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेस-2 के EWS B ब्लॉक में पूरा इलाका जलमग्न हो गया। सुरक्षा को देखते हुए यहां बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। हालांकि, बिजली पैनल में करंट आने की बात भी सामने आई है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
भाटागांव इलाके में भी जलभराव के कारण एक कार और ट्रक पानी में फंस गए। वहीं प्रोफेसर कॉलोनी और काठाडीह की BSUP कॉलोनी के कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पुल पार करते समय तेज बहाव में बही कार
धमतरी में बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। पानी से भरे पुल को पार करने की कोशिश के दौरान एक कार तेज बहाव की चपेट में आकर बह गई।
कार में दो लोग सवार थे। हालात बिगड़ते देख दोनों ने कार के शीशे तोड़े और किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत और बढ़ गई है।
गंगरेल डैम के 14 गेट खोले गए
लगातार बारिश के चलते धमतरी के गंगरेल डैम में भी पानी की आवक बढ़ी है। डैम के 14 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते आसपास के नदी-नालों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
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कई जिलों के निचले इलाकों में पानी
बारिश का असर सिर्फ रायपुर और धमतरी तक सीमित नहीं है। जगदलपुर, गरियाबंद, कांकेर, बालोद और बिलासपुर के निचले इलाकों में भी पानी भरने की खबर है। बस्तर क्षेत्र में कई सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के सभी स्कूलों में आज छुट्टी घोषित की गई है। जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
6 ट्रेनें और एक फ्लाइट रद्द
भारी बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। जलभराव और मौसम की स्थिति के कारण 6 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। इसके अलावा एक फ्लाइट भी रद्द की गई है।
इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं कई रूट पर ट्रेनों के संचालन और समय पर पहुंचने को लेकर भी असर देखने को मिल रहा है।
अगले 24 घंटे फिर बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में दोबारा बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन रहा। यह सिस्टम दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंचा, जिसके प्रभाव से क्षेत्र में नमी बढ़ी और बारिश तेज हुई।
फिलहाल बारिश रुकने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और बढ़े हुए जलस्तर के कारण खतरा बना हुआ है। अगले 24 घंटे का मौसम प्रदेश के लिए अहम माना जा रहा है।
