लगातार बारिश से ट्रेनों की रफ्तार सुस्त, रायपुर स्टेशन पर यात्रियों का बढ़ा इंतजार

बारिश से रायपुर आने वाली ट्रेनें लेट

रायपुर: लगातार हो रही बारिश का असर अब रेल यातायात पर भी नजर आने लगा है। रायपुर पहुंचने वाली कई ट्रेनें शुक्रवार को घंटों की देरी से पहुंचीं। लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ लोकल ट्रेनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। कई एक्सप्रेस ट्रेनें 1 से 3 घंटे तक विलंबित रहीं, जबकि कुछ ट्रेनों की देरी इससे भी ज्यादा रही।

पुरी और विशाखापट्टनम की ओर से रायपुर आने वाली ट्रेनों पर भी बारिश का असर दिखाई दिया। समता एक्सप्रेस करीब 3 घंटे, पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस 2 घंटे 45 मिनट, दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस 3 घंटे 45 मिनट और विशाखापट्टनम-दुर्ग एक्सप्रेस करीब 2 घंटे देर से रायपुर पहुंची।

रोजाना लेट हो रही कई ट्रेनें

ट्रेनों के लगातार विलंबित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रायपुर पहुंचने वाली बड़ी संख्या में ट्रेनें पिछले कुछ समय से रोजाना देरी से चल रही हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ लोकल ट्रेनें भी प्रभावित हैं।

दुर्ग-रायपुर के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई बार लोकल ट्रेनों को आउटर पर लंबे समय तक रोक दिया जाता है। इससे सामान्य सफर में एक घंटे या उससे ज्यादा अतिरिक्त समय लग रहा है। नौकरीपेशा यात्रियों को समय पर दफ्तर पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है।

रेलवे के समय पालन के दावों पर उठ रहे सवाल

रेलवे की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए ट्रेनों को निर्धारित समय के अनुसार चलाने से जुड़े निर्देश और अपडेट साझा किए जाते हैं। इसके बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी कम होती नजर नहीं आ रही है।

अंबिकापुर एक्सप्रेस इसका एक उदाहरण है। रायपुर पहुंचने का इसका निर्धारित समय सुबह 8.30 बजे है, लेकिन यात्रियों के अनुसार यह ट्रेन करीब एक महीने से लगातार 3 से 4 घंटे की देरी से पहुंच रही है। वापसी के दौरान भी ट्रेन के विलंबित होने से अंबिकापुर में यात्रियों को देर रात तक इंतजार करना पड़ रहा है।

दोपहर से शाम तक कई ट्रेनें 2 से 5 घंटे तक लेट

शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच रायपुर पहुंचने वाली ट्रेनों की स्थिति में भी देरी देखने को मिली। इस दौरान कई लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें निर्धारित समय से पीछे चल रही थीं।

संपर्क क्रांति एक्सप्रेस दुर्ग से रवाना होने के बाद रायपुर पहुंचते समय ही करीब 9 मिनट विलंबित थी। भाटापारा पहुंचने तक देरी बढ़कर 29 मिनट हो गई। उसलापुर में यह 31 मिनट और पेंड्रारोड पहुंचने तक करीब 1 घंटे 40 मिनट पीछे हो चुकी थी। शहडोल पहुंचते-पहुंचते ट्रेन की देरी करीब 2 घंटे 3 मिनट तक पहुंच गई।

इसी तरह साउथ बिहार एक्सप्रेस दुर्ग से निर्धारित समय पर रवाना हुई, लेकिन रायपुर पहुंचते समय करीब 5 मिनट देर हो गई। तिल्दा पहुंचने तक देरी 31 मिनट और सक्ती तक पहुंचते-पहुंचते करीब 1 घंटे 12 मिनट हो गई।

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शहडोल रूट पर भी ट्रेनों की रफ्तार धीमी

शहडोल होकर रायपुर आने वाली ट्रेनों की समयबद्धता भी प्रभावित हुई है। सारनाथ एक्सप्रेस और अमरकंटक एक्सप्रेस समेत करीब आधा दर्जन ट्रेनें लगातार कई घंटे की देरी से रायपुर पहुंच रही हैं।

जानकारी के अनुसार, शहडोल के बाद कई ट्रेनों की गति धीमी होने से उनके निर्धारित समय पर रायपुर पहुंचने में देरी हो रही है। अमरकंटक एक्सप्रेस भी करीब 3 घंटे विलंब से रायपुर पहुंच रही है।

स्टेशन पर बढ़ा यात्रियों का इंतजार

ट्रेनों के निर्धारित समय को देखकर यात्री समय से स्टेशन पहुंच रहे हैं, लेकिन ट्रेन के लेट होने के कारण उन्हें प्लेटफॉर्म पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि दुर्ग और बिलासपुर से समय पर रवाना होने के बावजूद कई ट्रेनें रायपुर पहुंचते-पहुंचते काफी देर से चलने लगती हैं।

यात्रियों के मुताबिक, फिलहाल पटरियों पर कोई बड़ा कार्य नहीं होने के बावजूद एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों की गति प्रभावित है। वहीं, दूसरे महानगरों से रायपुर आने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें भी 2 से 6 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। इससे बारिश के मौसम में रेल यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

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