EC की बड़ी बैठक: वोटर लिस्ट में नाम को लेकर नया नियम, BLO घर आकर लेगा जरूरी दस्तावेज
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग ने वोटरों के लिए प्रक्रिया को आसान करने से जुड़े कई अहम फैसले किए हैं। जिन मतदाताओं के नाम पुराने रिकॉर्ड से मैप नहीं हो पाए हैं या दस्तावेजों में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आई है, उन्हें अब हर मामले में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए ERO या AERO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।
चुनाव आयोग के मुताबिक, ऐसे मामलों में BLO घर जाकर जरूरी दस्तावेज और जानकारी जुटा सकता है। इसके बाद संबंधित दस्तावेज ECINET पर अपलोड किए जाएंगे और ERO उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर फैसला ले सकेगा।
नोटिस मिला है तो घबराने की जरूरत नहीं
SIR के दौरान किसी मतदाता को नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि उसका नाम तत्काल मतदाता सूची से हटा दिया गया है। नोटिस का उद्देश्य रिकॉर्ड में मौजूद कमी, पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मैपिंग न होने या जानकारी में अंतर को स्पष्ट कराना है।
अब सामान्य मामलों में BLO मतदाता के घर पहुंचकर जरूरी दस्तावेज ले सकता है। इससे ऐसे लोगों को बार-बार चुनाव कार्यालय जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। व्यक्तिगत सुनवाई केवल विशेष परिस्थितियों में ही जरूरी होगी।
गरीब और जरूरतमंद मतदाताओं के लिए भी व्यवस्था
चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरत के अनुसार हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। इसका फायदा रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीब और बेघर मतदाताओं को मिल सकता है।
आयोग ने SIR से जुड़े ऑनलाइन सिस्टम और पोर्टल में भी सुधार किए हैं, ताकि फील्ड स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों को ज्यादा सुविधाएं मिल सकें।
दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा
SIR को लेकर दिल्ली और महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है, जबकि इनके निस्तारण की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 रखी गई है।
महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 और इनके निस्तारण की तारीख 10 नवंबर 2026 तय की गई है।
नाम छूट गया तो क्या करें?
अगर SIR के दौरान किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत ERO के समक्ष आवेदन कर सकता है। आयोग ने अधिकारियों को युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले लोगों तक भी पहुंच बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा है।
गोवा में भी BLO को घर-घर जाकर Form 6 से जुड़ी प्रक्रिया में मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के मुताबिक वहां 97 संबंधित मतदाताओं में से 81 ने Form 6 दाखिल कर दिया है।
SIR की प्रक्रिया में क्या बदला?
कुल मिलाकर आयोग के नए निर्देशों का फोकस उन मतदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान करने पर है, जिनके रिकॉर्ड में मैपिंग या दस्तावेज से जुड़ी समस्या सामने आई है। अब हर नोटिस वाले मतदाता को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए कार्यालय बुलाना जरूरी नहीं होगा।
वहीं, चुनाव आयोग के उपलब्ध SIR कार्यक्रम में दिल्ली और महाराष्ट्र को लेकर दावे-आपत्तियों तथा अंतिम मतदाता सूची की प्रक्रिया की समयसीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है।
