5 दिन से आमरण अनशन, अब चक्काजाम! आखिर क्यों भड़का ग्रामीणों का गुस्सा?
Pamgarh Protest
महिलाएं कर रही आंदोलन की अगुवाई, पुरुष और युवा भी प्रदर्शन में शामिल
जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ क्षेत्र में डोंगाकोहरौद सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से ग्रामीणों ने पामगढ़ के अंबेडकर चौक पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। आंदोलन की खास बात यह है कि इसकी अगुवाई महिलाएं कर रही हैं, जबकि बड़ी संख्या में पुरुष और युवा भी उनके साथ प्रदर्शन में शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इसी वजह से अब ग्रामीण आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और चक्काजाम जारी रहेगा। ग्रामीण प्रशासन के आश्वासनों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सड़क की जर्जर स्थिति के विरोध में गांव के आठ युवक पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। युवकों के अनशन के समर्थन में अब बड़ी संख्या में ग्रामीण भी सड़क पर उतर आए हैं, जिससे आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया है।
आंदोलन को पामगढ़ के व्यापारियों का भी समर्थन मिला है। प्रदर्शन के समर्थन में नगर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे गए हैं। बाजार बंद रहने से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति केवल ग्रामीणों ही नहीं बल्कि कारोबारियों के लिए भी बड़ी समस्या बन चुकी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर आंदोलनकारियों से बातचीत कर रहे हैं।
इस बीच एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करते हुए बताया कि सड़क की मरम्मत का कार्य जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी दिसंबर माह से सड़क निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। हालांकि प्रशासन के इस भरोसे के बावजूद ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
फिलहाल पामगढ़ में स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। चक्काजाम के कारण यातायात प्रभावित है और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन फिलहाल किसी समाधान पर सहमति बनती नजर नहीं आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू होते देखना चाहते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, यदि प्रशासन उनकी मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाता।
