कोटवारों का प्रदर्शन: 7 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय पर दिया धरना

कोटवार प्रदर्शन

जशपुर जिले में कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के बैनर तले शुक्रवार को बड़ी संख्या में कोटवारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से संगठन ने शासन और प्रशासन का ध्यान लंबे समय से लंबित मांगों की ओर आकर्षित करते हुए जल्द समाधान की मांग की।

नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की उठी मांग

धरने के दौरान एसोसिएशन ने सरकार को सौंपे गए मांगपत्र में कोटवारों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देते हुए राजस्व विभाग में संविलियन करने की मांग की। इसके साथ ही मासिक पारिश्रमिक बढ़ाकर न्यूनतम 15 हजार रुपये किए जाने और भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। संगठन ने यह भी कहा कि कोटवारों के परिवार के योग्य सदस्यों को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

झूठे मामलों और बेगारी पर जताई नाराजगी

कोटवार संघ ने आरोप लगाया कि कई मामलों में बिना पर्याप्त आधार के कोटवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है। संगठन ने ऐसे मामलों पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही कोटवारों से अनावश्यक बेगारी नहीं लेने संबंधी शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

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शहरी क्षेत्रों में नियुक्ति पर रोक हटाने की मांग

धरना प्रदर्शन के दौरान संगठन ने नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इससे रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं और कई योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही है।

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

धरने में शामिल कोटवारों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी सात सूत्रीय मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर प्रदेश स्तर पर भी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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