हाई कोर्ट की नई ट्रांसफर लिस्ट जारी, कई जजों के तबादले
बिलासपुर। न्यायिक प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बड़े स्तर पर अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। जारी प्रशासनिक आदेश के तहत कई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। आदेश में सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 9 जुलाई तक अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
रजिस्ट्रार शाखा में हुए महत्वपूर्ण बदलाव
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, अब्दुल जाहिद कुरैशी को रजिस्ट्रार विजिलेंस की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उन्हें रजिस्ट्रार (आई एंड ई) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा ओम प्रकाश जायसवाल को रजिस्ट्रार (न्यायिक) तथा रूपनारायण पठारे को हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया है।
जिला न्यायालयों में नई पदस्थापनाएं
तबादला आदेश के तहत कई जिलों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की नई नियुक्तियां की गई हैं। राकेश कुमार वर्मा को राज्य न्यायिक अकादमी में अतिरिक्त निदेशक बनाया गया है। वहीं विनीता वार्नर को बलौदाबाजार और थॉमस एक्का को सूरजपुर का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।


विशेष अदालतों में भी हुआ बदलाव
प्रशासनिक आदेश के तहत अजय सिंह राजपूत को जगदलपुर स्थित एनआईए स्पेशल कोर्ट का विशेष न्यायाधीश बनाया गया है। वहीं सुमित कपूर को हाई कोर्ट से स्थानांतरित कर रायपुर में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है।
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अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों की नई तैनाती
हाई कोर्ट ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के पदों पर भी व्यापक बदलाव किए हैं। सिद्धार्थ अग्रवाल को जगदलपुर, किरण कुमार जांगड़े को बलरामपुर-रामानुजगंज, विनय कुमार प्रधान को रायपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा डमरूधर चौहान को रायपुर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा अमित कुमार कोहली को रामानुजगंज में द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। वहीं संगीत नवीन तिवारी को जगदलपुर एनआईए स्पेशल कोर्ट से स्थानांतरित कर बलौदाबाजार में प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
9 जुलाई तक कार्यभार संभालना होगा
हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानांतरित अधिकारी 9 जुलाई 2026 तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें। माना जा रहा है कि इस प्रशासनिक पुनर्संरचना का उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाना, मामलों के त्वरित निपटारे में तेजी लाना और विभिन्न न्यायालयों में प्रशासनिक संतुलन स्थापित करना है।
