Naseeruddin Shah का मोदी सरकार पर हमला! बोले- ‘मैं फख्र से कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं’

Naseeruddin Shah Statement: दिग्गज अभिनेता Naseeruddin Shah एक बार फिर अपने राजनीतिक बयान को लेकर चर्चा में हैं। आपके साझा किए गए वीडियो के मुताबिक, उन्होंने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और छात्रों के आंदोलन के समर्थन में सवाल उठाए। उनके बयान में ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और ‘नाजायज हुकूमत’ जैसे शब्दों का भी जिक्र है। इससे पहले शाह ने कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए बीजेपी पर भी आरोप लगाए थे।
‘मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं’
आपके दिए गए वीडियो के विवरण के अनुसार, Naseeruddin Shah ने कहा कि उन्हें ‘एंटी-नेशनल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे नाम दिए जाते हैं। उन्होंने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताते हुए कहा कि वह इस पहचान से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
शाह ने अपने बयान में सरकार से सवाल करते हुए आरोप लगाया कि देश के युवाओं का हौसला तोड़ने, शिक्षा संस्थानों को प्रभावित करने और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के विरोध और सवाल उठाने की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।
‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ को लेकर सरकार पर साधा निशाना
दिए गए बयान में शाह ने ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए सरकार पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा संस्थानों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभिनेता Naseeruddin Shah ने अपने संदेश में युवाओं के हौसले और लोकतंत्र की मजबूती पर जोर दिया। उनका कहना था कि विरोध करने वाले छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों और शिकायतों पर विचार किया जाना चाहिए।
ये शाह के राजनीतिक विचार और आरोप हैं। इन्हें सरकार या संबंधित संस्थानों के बारे में स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कोलकाता के फिल्म संस्थान के छात्रों के समर्थन में भी आए थे Naseeruddin Shah
इससे पहले Naseeruddin Shah ने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वीडियो संदेश जारी किया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, छात्र परिसर में हुई कथित हिंसा और संस्थान के प्रशासन से जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
शाह ने उस वीडियो में आरोप लगाया था कि बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई या बदले की भावना से काम करती दिख रही है, जो उसकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युवा फिल्म निर्माताओं को डराने या उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली में छात्रों की भूख हड़ताल का क्या है मामला?
आपके साझा विवरण के मुताबिक, दिल्ली में छात्रों ने छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। इसमें छात्र संघ के गठन और चुनावों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने की मांग शामिल है।
दिए गए विवरण में बताया गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ का संविधान तैयार करने के लिए समिति गठित की, लेकिन छात्र औपचारिक अधिसूचना और चुनाव कार्यक्रम की स्पष्ट जानकारी की मांग पर अड़े रहे। इसी विवाद के बीच कुछ छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।
हालांकि, दिल्ली के छात्रों के इस आंदोलन और कोलकाता के SRFTI के प्रदर्शन को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखना जरूरी है। नसीरुद्दीन शाह के किस बयान का संबंध किस आंदोलन से है, इसकी पुष्टि संबंधित वीडियो और आधिकारिक बयानों से की जानी चाहिए।
शिक्षा संस्थानों और लोकतंत्र पर बहस फिर तेज
Naseeruddin Shah के बयान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, छात्र आंदोलनों और सरकार की आलोचना के अधिकार को लेकर बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। एक तरफ अभिनेता ने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी है, वहीं उनके आरोपों और संबंधित घटनाओं के दूसरे पक्ष को समझने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के आधिकारिक बयानों को भी देखना जरूरी है।
फिलहाल, साझा किए गए वीडियो में बताए गए ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाजायज हुकूमत’ वाले सटीक बयान की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। वहीं, कोलकाता के SRFTI छात्रों के समर्थन में शाह का वीडियो कई मीडिया रिपोर्टों में दर्ज है।
