Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश के तट से टकराया खतरनाक चक्रवात ‘अर्नब’, 150 किमी की रफ्तार से चली हवाओं ने मचाई भारी तबाही; उड़ी घरों की छतें और बाढ़ जैसे हालात

Cyclone Arnab: अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के तट पर भीषण तबाही मचाते हुए लैंडफॉल पूरा किया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह लैंडफॉल बापटला से विशाखापट्टनम के बीच काकीनाडा के पास हुआ, जहां हवा की रफ्तार 125 से 135 किमी प्रति घंटा और हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गए थे। इस प्राकृतिक आपदा के चलते काकीनाडा, अनकापल्ली, कोनसीमा, पूर्व और पश्चिम गोदावरी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
रिहायशी इलाकों में घुसा समंदर का पानी और तबाही का मंजर
तूफान के कारण उठे विकराल समुद्री ज्वार और ऊंची लहरों का पानी रिहायशी इलाकों और गांवों में घुस गया, जिससे लोगों को रात के अंधेरे में ही अपने घर छोड़कर सुरक्षित आश्रय स्थलों की ओर भागना पड़ा। तेज हवाओं के तांडव से सैकड़ों की संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गईं और बिजली सप्लाई ठप हो गई। आंध्र प्रदेश के मंगलपालेम में पानी में गिरे टूटे हुए बिजली के लाइव तार की चपेट में आने से एक 65 वर्षीय व्यक्ति की असामयिक मौत की भी पुष्टि हुई है।
प्रशासन की मुस्तैदी और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य
इस महा-आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देशों के तहत प्रशासन ने पहले ही व्यापक तैयारियां कर ली थीं। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने मोर्चा संभालते हुए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया। जोखिम वाले इलाकों से करीब 84,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर 290 से ज्यादा चक्रवात आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर 30,000 से अधिक नौकाओं को बंदरगाहों पर वापस बुलाया गया। इसके अलावा, भारी तबाही के चलते कई ट्रेनें और विशाखापट्टनम व विजयवाड़ा हवाई अड्डों पर 21 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
