Gaudham Yojana Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में शुरू हुई गौधाम योजना, राज्य में बनेंगे 1460 ‘सुरभि गौधाम’, बेसहारा पशुओं को मिलेगा सहारा

Gaudham Yojana Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने राज्य में ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से 1460 गौधाम बनाए जाएंगे, जहां बेसहारा और आवारा मवेशियों की देखभाल की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने Lakhasar village में स्थित गौधाम का दौरा कर योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने Guru Ghasidas Central University के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से 11 जिलों में बने 29 गौधामों का उद्घाटन किया।

गोधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गौधाम योजना के जरिए बेसहारा पशुओं की सुरक्षा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया जाए।

उन्होंने घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधामों को “सुरभि गौधाम” के नाम से जाना जाएगा। यहां पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

लाखासर क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाखासर क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी कीं। इसमें महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और 500 मीटर लंबे गौरव पथ के निर्माण की घोषणा शामिल है।

इसके अलावा लाखासर गौधाम में प्रशिक्षण भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। साथ ही एक काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है।

गौधामों के संचालन के लिए आर्थिक सहायता

अधिकारियों के अनुसार गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।

सरकार की ओर से गौवंश के पोषण आहार के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। इसके तहत पहले वर्ष प्रति पशु 10 रुपये प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी।

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