ट्रांसपोर्ट की कमी से राशन सप्लाई प्रभावित: कई उचित मूल्य दुकानों से खाली लौट रहे हितग्राही, शक्कर-चावल का स्टॉक नहीं

राशन संकट

राशन संकट

रायपुर में नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से उचित मूल्य की दुकानों तक राशन सामग्री की सप्लाई प्रभावित हो रही है। शहर के भनपुरी स्थित गोदाम नंबर-4 से चावल और शक्कर का समय पर भंडारण नहीं हो पाने के कारण कई दुकानों में स्टॉक खत्म हो गया है। इसका सीधा असर हितग्राहियों पर पड़ रहा है, जिन्हें राशन लेने के लिए दुकानों पर पहुंचने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार उचित मूल्य दुकान संचालक स्टॉक खत्म होने से करीब 7 से 10 दिन पहले ही नए भंडारण की मांग करते हैं, ताकि समय पर राशन उपलब्ध कराया जा सके। इसके बावजूद दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने में लगातार देरी हो रही है।

रोज सिर्फ दो गाड़ियां लगने से सप्लाई प्रभावित

इस मामले में जब गोदाम प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्ट की कमी के कारण सप्लाई प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक गोदाम में हर दिन ट्रांसपोर्टर द्वारा सिर्फ दो गाड़ियां ही लगाई जा रही हैं और ये दोनों गाड़ियां भी दिन में केवल एक ही फेरा लगा रही हैं। परिणामस्वरूप पर्याप्त मात्रा में राशन दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। गोदाम प्रभारी ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कई बार नागरिक आपूर्ति निगम के जिला अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मंदिर हसौद और धरसींवा में भी वही स्थिति

सिर्फ भनपुरी ही नहीं, बल्कि मंदिर हसौद और धरसींवा स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में भी ट्रांसपोर्ट की कमी की समस्या बनी हुई है। इन गोदामों में भी प्रतिदिन जितनी गाड़ियां लगाई जानी चाहिए, उसके मुकाबले आधे से भी कम वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके कारण इन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली कई उचित मूल्य दुकानों तक चावल और शक्कर का भंडारण समय पर नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि कई हितग्राहियों को राशन लेने के लिए दुकानों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कई दुकानों में शक्कर का स्टॉक नहीं

भनपुरी, मंदिर हसौद और धरसींवा क्षेत्र की कई उचित मूल्य दुकानों में शक्कर का स्टॉक अभी तक नहीं पहुंच पाया है। दरअसल चावल और शक्कर का भंडारण अलग-अलग वाहनों से किया जाता है। पहले चावल का भंडारण किया जाता है और उसके बाद शक्कर पहुंचाई जाती है। लेकिन ट्रांसपोर्ट की धीमी व्यवस्था के कारण शक्कर की सप्लाई में लापरवाही सामने आ रही है। इस वजह से कई दुकानों में फिलहाल केवल चावल ही वितरित किया जा रहा है, जबकि शक्कर लेने के लिए हितग्राहियों को बाद में फिर से आने के लिए कहा जा रहा है।

दुकानदारों की भी बढ़ी परेशानी

राशन की सप्लाई में देरी का असर दुकान संचालकों पर भी पड़ रहा है। स्टॉक नहीं होने के कारण उन्हें हितग्राहियों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है और कई जगह विवाद की स्थिति भी बन रही है। कुछ दुकानदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यदि वे इस समस्या की शिकायत करते हैं तो कई बार उनके यहां और ज्यादा देर से राशन भेजा जाता है। इसी डर से कई दुकानदार खुलकर शिकायत भी नहीं कर पाते।मंदिर हसौद की प्रभारी संगीता ने भी पहले कई बार गाड़ियों की कमी के कारण भंडारण प्रभावित होने की जानकारी अधिकारियों को दी है।

कार्रवाई नहीं होने से समस्या बरकरार

गोदाम प्रभारी का कहना है कि ट्रांसपोर्ट की कमी की सूचना नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद ट्रांसपोर्ट एजेंसी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है और न ही व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है। ऐसे में अगर जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो राशन वितरण व्यवस्था पर इसका असर और बढ़ सकता है, जिससे हितग्राहियों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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