26 नवंबर को कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, खरगे-राहुल निकालेंगे “संविधान बचाओ मार्च”

संविधान बचाओ मार्च

कांग्रेस ने संविधान दिवस के मौके पर केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। पार्टी 26 नवंबर को दिल्ली में ‘संविधान बचाओ मार्च’ निकालेगी। इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के सभी सांसद शामिल होंगे। इसके अलावा INDIA गठबंधन के अन्य विपक्षी दलों के सांसदों को भी मार्च में शामिल करने के लिए बातचीत की जा रही है।

वहीं, दूसरी ओर SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस के विरोध पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने तीखा हमला बोला है। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बाहरी लोगों को सामान्य नागरिक के रूप में मान्यता दिलाने और उन्हें वैध बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस लंबे समय तक ऐसे लोगों के समर्थन के सहारे सत्ता में बनी रही।

‘पहचान करो, नाम हटाओ और देश से बाहर भेजो’

जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा का स्पष्ट रुख है कि देश में रह रहे बाहरी लोगों की पहचान की जाए, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं और उन्हें देश से बाहर भेजा जाए। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।

नड्डा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा पहचान, नाम हटाने और निर्वासन की नीति पर कायम है। वहीं, उन्होंने कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर आरोप लगाया कि वे बाहरी लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड दिलाकर उन्हें वैध पहचान देने की कोशिश कर रहे हैं।

नड्डा ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोगों की पहचान नहीं होनी चाहिए और क्या उन्हें देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए? इसके साथ ही उन्होंने जनता से कांग्रेस और INDIA गठबंधन को राजनीतिक रूप से सत्ता से बाहर करने की अपील की।

इस तरह संविधान दिवस पर कांग्रेस के प्रस्तावित मार्च और SIR को लेकर भाजपा के हमले ने एक बार फिर देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

Youthwings