Chhattisgarh Trade Union Protest: श्रम संहिताओं के खिलाफ ट्रेड यूनियनों का बड़ा प्रदर्शन, नोएडा में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग तेज

Chhattisgarh Trade Union Protest

Chhattisgarh Trade Union Protest: रायपुर के अंबेडकर चौक में संयुक्त मंच का जोरदार प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 और 8 घंटे कार्यदिवस की उठी मांग

Chhattisgarh Trade Union Protest: देशभर में बढ़ते श्रमिक शोषण और दमन के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है. रायपुर में हजारों श्रमिकों ने श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाकर विरोध जताया और नोएडा में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग की. आखिर क्यों भड़के श्रमिक संगठन, क्या हैं उनकी बड़ी मांगें और सरकार पर क्यों लग रहे गंभीर आरोप? पढ़िए पूरी रिपोर्ट.

Chhattisgarh Trade Union Protest: श्रम संहिताओं के खिलाफ ट्रेड यूनियनों का बड़ा प्रदर्शन, रायपुर में फूंकी गईं प्रतियां

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र संगठनों के संयुक्त आव्हान पर मंगलवार को देशभर में राष्ट्रीय मांग दिवस मनाया गया. इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के नेतृत्व में श्रमिकों और कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की गई.

सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मंच के संयोजक और ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मानेसर, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक अमानवीय शोषण, कम मजदूरी और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें मजदूरों की समस्याएं हल करने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई, गिरफ्तारियां और झूठे मुकदमे दर्ज कर रही हैं.

Chhattisgarh Trade Union Protest: 10 से 13 घंटे काम, फिर भी कम वेतन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज ठेका श्रमिकों को प्रतिदिन 10 से 13 घंटे तक काम करना पड़ता है, लेकिन उन्हें केवल ₹10,000 से ₹12,000 प्रतिमाह वेतन मिलता है. श्रमिकों को पीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और सुरक्षा जैसे बुनियादी अधिकार भी नहीं मिल रहे हैं।

महंगाई और लगातार बढ़ती एलपीजी गैस की कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया. यूनियनों ने मांग की कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाया जाए और रसोई गैस सस्ती की जाए.

Chhattisgarh Trade Union Protest: ट्रेड यूनियनों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान श्रमिक संगठनों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:

  • न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 प्रतिमाह की जाए
  • 8 घंटे का कार्यदिवस सख्ती से लागू हो
  • अतिरिक्त काम के लिए दुगुना ओवरटाइम भुगतान मिले
  • ठेका श्रमिकों को समान वेतन और सुविधाएं दी जाएं
  • स्थायी कार्यों में ठेका प्रथा खत्म की जाए
  • सभी अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण हो
  • चारों श्रम संहिताएं वापस लेकर पुराने 44 श्रम कानून बहाल किए जाएं
  • गिरफ्तार मजदूर नेताओं और कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई हो

सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

संयुक्त मंच ने आरोप लगाया कि श्रमिकों की न्यायोचित मांगों को दबाने के लिए उन्हें “राष्ट्रविरोधी” बताकर बदनाम किया जा रहा है. साथ ही ट्रेड यूनियनों के साथ तत्काल त्रिपक्षीय वार्ता और भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने की मांग भी उठाई गई.

Chhattisgarh Trade Union Protest

कई संगठनों ने लिया हिस्सा

इस प्रदर्शन में इंटक, एचएमएस, एटक, सीटू, एक्टू, संयुक्त ट्रेड यूनियन काउंसिल, पोस्टल यूनियन, इंश्योरेंस एम्पलाईज यूनियन और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए.

प्रदर्शन का नेतृत्व इंद्रमणि पटेल, एस.एन. बैनर्जी, सुरेंद्र शर्मा, दिनेश पटेल, ज्योति पाटिल, अनुसुइया ठाकुर, धर्मनी सोनवानी, गजेंद्र पटेल, राजेश पराते, नरोत्तम शर्मा, नवीन गुप्ता और अन्य नेताओं ने किया.

प्रदर्शन के अंत में एक प्रस्ताव पारित कर एनआईटी परीक्षा निरस्त होने से प्रभावित छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया गया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई.

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