सीएम योगी का बड़ा फैसला: मंत्रियों और मुख्यमंत्री के काफिले में 50% तक कटौती

सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य प्रशासन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और किफायती बनाने के लिए व्यापक सुधारों की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। राजधानी लखनऊ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

फिजूलखर्ची पर रोक और सुरक्षा काफिले में कटौती

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग समय की मांग है। इसी क्रम में उन्होंने अपने और मंत्रियों के सुरक्षा काफिले में लगभग 50 प्रतिशत तक की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस कदम को प्रशासनिक सादगी और खर्च नियंत्रण की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

डिजिटल प्रशासन और वर्चुअल मीटिंग पर जोर

सीएम योगी ने निर्देश दिए कि सचिवालय और निदेशालय स्तर की कम से कम 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें अब अनिवार्य रूप से वर्चुअल माध्यम से होंगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ ईंधन और संसाधनों की खपत भी कम होगी। उन्होंने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल प्रणाली की ओर ले जाने पर बल दिया।

वर्क फ्रॉम होम और शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव

औद्योगिक विकास विभाग को निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। वहीं शिक्षा विभाग को सेमिनार, वर्कशॉप और प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

सार्वजनिक परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से सप्ताह में एक दिन मेट्रो या बस जैसे सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान को गति देने पर जोर दिया, जिसके तहत राज्य के किले, ऐतिहासिक स्थल और सांस्कृतिक धरोहरों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्वदेशी उत्पादों और सादगीपूर्ण जीवनशैली पर जोर

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों और शादियों में केवल भारत में बने उत्पादों और ओडीओपी वस्तुओं का ही उपयोग करें। उन्होंने अनावश्यक खर्च, विशेषकर सोने की खरीद पर नियंत्रण रखने और घरेलू बचत को प्राथमिकता देने की सलाह दी।

ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के निर्देश

प्रदेश में बिजली खपत को नियंत्रित करने के लिए सरकारी और निजी भवनों में अनावश्यक बिजली उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों के सीमित उपयोग की बात कही गई है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों और साइकिल शेयरिंग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया है।

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