आतंक और अपराध पर जीरो टॉलरेंस: अमित शाह ने पेश किया आंतरिक सुरक्षा का दशकवार खाका, जानिए क्यों खौफ में हैं विदेशी भगोड़े
पणजी (गोवा)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा के डोना पाउला में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा में आए क्रांतिकारी बदलावों का व्यापक ब्योरा पेश किया। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि 2014 से पहले देश लगातार बम धमाकों, अनसुलझे सीमावर्ती विवादों और आंतरिक असुरक्षा के दौर से गुजर रहा था, लेकिन पिछले एक दशक में उठाए गए कड़े कदमों ने भारत को आंतरिक रूप से सशक्त और सुरक्षित राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।
‘भारत-पोल’ व्यवस्था और 274 भगोड़ों का प्रत्यर्पण
आर्थिक अपराध, संगठित गैंगवार और आतंकवाद से जुड़े मामलों में विदेशों में शरण लेने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर आंकड़े साझा करते हुए अमित शाह ने कहा कि 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 अलग-अलग देशों से 274 भगोड़ों को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कर भारतीय अदालतों के सामने पेश किया गया।
उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को तेज करने के लिए देश में ‘भारत-पोल’ नामक एक आधुनिक व एकीकृत व्यवस्था तैयार की गई है। इस सिस्टम से 14 से अधिक केंद्रीय जांच एजेंसियां और सभी राज्यों की पुलिस आपस में जुड़ी हुई हैं। पिछले तीन वर्षों में 401 रेड कॉर्नर नोटिस पर त्वरित कार्रवाई की गई, जिसमें अकेले इस साल जुलाई 2026 तक 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके अलावा भगोड़ों की लगभग 17,874 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
370 के बाद कश्मीर में बदलाव, नक्सलवाद बना इतिहास
जम्मू-कश्मीर का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद वहां अलगाववाद की कमर टूट चुकी है और आतंकवाद के आंकड़े धीरे-धीरे शून्य की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी तिरुपति से पशुपतिनाथ तक ‘रेड कॉरिडोर’ बनाने का सपना देखने वाले नक्सली आज हथियार डालकर मुख्यधारा में लौट चुके हैं और पांच दशक पुरानी नक्सल समस्या अब इतिहास बन चुकी है। पूर्वोत्तर में भी 10 हजार से अधिक कैडरों ने हिंसा छोड़ आत्मसमर्पण किया है, जिसके बाद सरकार ने 14 से अधिक ऐतिहासिक शांति समझौते किए हैं।
नए कानूनों से दोषसिद्धि दर में उछाल, 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य
अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों के मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए बताया कि गोवा पुलिस ने अपनी Conviction Rate को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 53.2 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। आने वाले समय में नए कानूनों के तहत यह आंकड़ा 70 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
साइबर सुरक्षा के लिए ‘1930’ हेल्पलाइन को देश का भरोसेमंद समाधान बताते हुए उन्होंने नार्को-टेररिज्म पर सीधा प्रहार किया। शाह ने घोषणा की कि 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के स्पष्ट रोडमैप पर काम चल रहा है, जिसके तहत नशीले पदार्थों के पूरे वित्तीय नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को जड़ से उखाड़ने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।
