जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बादल फटने से तबाही, 3 दिन में दूसरी बड़ी घटना; कई मौतें, सैकड़ों घायल
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में रविवार सुबह बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बॉर्डर से सटे इलाके में एक साथ 3 जगह बादल फटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं, हिमाचल के कुल्लू और मंडी जिलों में भी बादल फटने और फ्लैश फ्लड ने तबाही मचाई है।
जम्मू-कश्मीर: कठुआ में 7 की मौत, कई घायल
कठुआ जिले के जोद घाटी इलाके में बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए हैं। मथरे चक, बगार्ड-चंगड़ा और दिलवान-हुटली में भी लैंडस्लाइड हुई है। लैंडस्लाइड के बाद जोद गांव का शहर से संपर्क टूट गया था, काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम गांव पहुंच पाई। कई घरों में पानी और मलबा भर गया है। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कठुआ के डिप्टी एसपी राजेश शर्मा ने बताया कि लैंडस्लाइड में 2-3 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और 6 लोग अब भी फंसे हुए हैं। नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक पर भी भारी नुकसान हुआ है।
किश्तवाड़ में तबाही का मंजर
14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में भी बादल फटा था। यहां अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है, 200 से ज्यादा लोग लापता हैं। 180 लोग घायल हैं, जिनमें 40 की हालत गंभीर बताई जा रही है। 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
रेस्क्यू अभियान में NDRF, SDRF, सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां लगी हुई हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण रेस्क्यू धीमा चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश: कुल्लू-मंडी में भारी तबाही
हिमाचल प्रदेश में भी रविवार सुबह 4 बजे के करीब कुल्लू जिले के शालानाला और टकोली इलाके में बादल फट गया। इससे टकोली फोरलेन और सब्जी मंडी में भारी मलबा भर गया। कुल्लू और मंडी जिले के नगवाई और पनारसा में भी फ्लैश फ्लड की वजह से 10 से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ और कई गाड़ियां बह गईं।
शालानाल खड्ड में आई बाढ़ से एफकॉन कंपनी का ऑफिस और कॉलोनी की दीवार टूट गई। कर्मचारियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन जगह-जगह बंद हो गई है।
मानसून से अब तक भारी नुकसान
हिमाचल में इस मानसून सीजन में अब तक 261 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने रविवार को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में यलो अलर्ट जारी किया है।
जम्मू-कश्मीर में भी मौसम विभाग ने 17 से 19 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है। 11 जिलों में बादल फटने और लैंडस्लाइड का खतरा बताया गया है।
पीड़ितों की व्यथा
चसोटी गांव में सीएम उमर अब्दुल्ला शनिवार को पहुंचे थे। यहां एक पीड़ित युवक ने भावुक होकर कहा—
“हमें कुछ नहीं चाहिए, आप सब अपने घर ले जाओ, हमें सिर्फ डेडबॉडी दे दो। मेरी मां-मौसी लापता हैं।”
युवक ने आरोप लगाया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में केवल नेताओं के आने पर मशीनें चलाई जाती हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे। श्रद्धालुओं की बसें, टेंट और लंगर बाढ़ में बह गए।
