INDIA गठबंधन की महारैली को अभिजीत दिपके का समर्थन: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की उठाई मांग

CJP funding complaint Vaishnavi Gaur

नई दिल्ली। आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक की महारैली को अब अन्य संगठनों और राजनीतिक चेहरों का भी साथ मिलने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस विरोध प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को पूरी तरह जायज ठहराते हुए कहा है कि चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता और साख बचाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो चुका है।

‘चुनाव आयोग ने निष्पक्षता का भरोसा खो दिया’

अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर विपक्ष के इस आंदोलन के साथ खड़े होने की वजहें गिनाईं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा अब बेहद जरूरी हो गया है। दिपके के अनुसार, हालिया घटनाक्रमों और व्यवस्थाओं के जरिए आयोग ने स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए आवश्यक विश्वास पूरी तरह खो दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के निर्वाचन आयोग की प्राथमिक संवैधानिक जिम्मेदारी हर पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना है, न कि लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग में किसी प्रकार की अड़चन या रुकावट पैदा करना। दिपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी देश में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहे सभी मंचों और संगठनों को अपना समर्थन जारी रखेगी।

राहुल गांधी की मुहिम को मिला नया बल

विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से चुनावी प्रक्रियाओं में कथित ‘वोट चोरी’ और पारदर्शिता के अभाव का मुद्दा जोर-शोर से उठा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार आंदोलनरत हैं। ऐसे में अभिजीत दिपके द्वारा खुले तौर पर इस मुहिम का समर्थन किए जाने से रामलीला मैदान में होने वाले शक्ति प्रदर्शन को अतिरिक्त मजबूती मिली है।

दिल्ली पुलिस की कड़ी निगरानी में होगी 1 नवंबर की सभा

हालांकि, 1 नवंबर को आयोजित होने वाली इस महारैली के लिए दिल्ली पुलिस ने आयोजकों के सामने कई सख्त शर्तें रखी हैं। पुलिस प्रशासन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  • रैली को किसी भी सूरत में शाम 5:00 बजे तक समाप्त करना होगा।
  • कार्यक्रम खत्म होने के बाद किसी भी व्यक्ति को रात में रामलीला मैदान में ठहरने की इजाजत नहीं होगी।
  • मैदान के बाहर किसी भी तरह का जमावड़ा या सड़क जाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • सुरक्षा के मद्देनजर पूरे ग्राउंड में एचडी (HD) सीसीटीवी कैमरे लगाना और पांच स्क्रीन का एक लाइव कंट्रोल रूम स्थापित करना अनिवार्य है।
  • मंच से किसी भी प्रकार के भड़काऊ अथवा अशांति फैलाने वाले भाषणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

30 अक्टूबर को ‘मॉक पार्लियामेंट’ में पब्लिक इंपीचमेंट की तैयारी

इस रैली की तैयारियों के तहत विपक्ष के तमाम सांसदों को 30 अक्टूबर की दोपहर 1:00 बजे तक दिल्ली तलब किया गया है। रामलीला मैदान में जुटने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित की जाएगी। इस प्रतीकात्मक संसद सत्र के दौरान विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ का प्रस्ताव लाकर अपनी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर धार देने का प्रयास करेंगे।

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