साइक्लोन अर्नब का कहर: आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश, 50 ट्रेनें और 21 फ्लाइट्स रद्द, कई राज्यों में अलर्ट

अमरावती। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘अर्नब’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। तूफान के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने के साथ भारी बारिश हुई। हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने की आशंका के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। चक्रवात के चलते रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है।
कई ट्रेनें रद्द, उड़ानों का संचालन प्रभावित
चक्रवात के कारण यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई ट्रेन सेवाएं रद्द की हैं, जबकि आंध्र प्रदेश के विभिन्न हवाई अड्डों से संचालित होने वाली उड़ानों पर भी असर पड़ा है। विजयवाड़ा एयरपोर्ट से बुधवार को इंडिगो की सभी निर्धारित उड़ानें रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। अन्य एयरलाइंस की कुछ सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन या फ्लाइट की ताजा स्थिति जरूर जांच लें।
विशाखापत्तनम समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश
चक्रवात के कारण विशाखापत्तनम और आसपास के इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर कम समय में 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा होने की रिपोर्ट है। लगातार बारिश से जलभराव, पेड़ों के उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन की टीमें सड़कों से गिरे पेड़ों और अन्य अवरोधों को हटाने के काम में जुटी हैं।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत की तैयारी
चक्रवात की आशंका को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में संवेदनशील इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत शिविर तैयार किए गए हैं और आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रखा गया है। ओडिशा में भारी बारिश की आशंका के चलते कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला भी लिया गया।
प्रशासन का मुख्य फोकस तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
IMD ने भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेताया
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात का केंद्र आंध्र प्रदेश के तट के नजदीक था और इसके तट पार करने की प्रक्रिया के दौरान तेज हवाएं चलने तथा भारी बारिश का अनुमान था। तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति भी खतरनाक बनी रह सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के जमीन की ओर बढ़ने के बाद भी कुछ समय तक तेज हवाओं और बारिश का असर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को टूटे बिजली के तारों, कमजोर इमारतों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की जरूरत है।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, अफवाहों से बचें
चक्रवात के चलते प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
तूफान के कारण परिवहन सेवाओं में व्यवधान और कई इलाकों में भारी बारिश के बीच अगले कुछ घंटे राहत एवं बहाली के लिहाज से महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
